आईसीएआर- आईआईवीआर द्वारा किसान मेला व सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

27 जनवरी, 2017, वाराणसी

भाकृअनुप – राष्ट्रीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी द्वारा सब्जी में नवोन्मेष प्रसार (एपीआईवी) के सहयोग से राष्ट्रीय किसान मेला व सब्जी प्रदर्शन का आयोजन किसानों को टिकाऊ कृषि एवं सब्जी उत्पादन के बारे में शिक्षा देने के उद्देश्य से किया गया।

आईसीएआर- आईआईवीआर द्वारा किसान मेला व सब्जी प्रदर्शनी का आयोजनआईसीएआर- आईआईवीआर द्वारा किसान मेला व सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

पद्मश्री डॉ. ब्रह्म सिंह, पूर्व निदेशक, जीव विज्ञान, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), नई दिल्ली ने अपने संबोधन में देश में जलवायु अनुकूल सब्जी उत्पादन एवं टिकाऊ सब्जी उत्पादन और पॉली व नेट हाउस, ड्रिप तथा फर्टिगेशन की सहायता से संरक्षित खेती पर बल दिया।

निदेशक, आईवीआरआई, वाराणसी द्वारा गुणवत्तापूर्ण आईवीआरआई की उन्नत सब्जी किस्मों के उत्पादन तथा वितरण के बारे में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के दिशानिर्देश ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ योजना के तहत आईआईवीआर द्वारा आजीविका तथा पोषण सुरक्षा के लिए चंदौली, गाजीपुर, जैनपुर, मऊ, मिर्जापुर तथा वाराणसी जिले को नवोन्मेषी सब्जी उत्पादन तकनीक के प्रसार हेतु अपनाया गया है।

डॉ. आ.के. यादव, निदेशक, राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास संगठन (एनएचआरडीएफ), नई दिल्ली; डॉ. एस. के. सिंह, उपनिदेशक, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी); डॉ. टी. जानकीराम, सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान-2) भाकृअनुप, नई दिल्ली तथा प्रो. ए. वैशम्पायन, निदेशक, कृषि विज्ञान संस्थान, बनारस कृषि विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

श्री जय प्रकाश सिंह, किसान अध्यक्ष ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि किसानों की खुशहाली और महिला सशक्तिकरण मुख्यतः आईआईवीआर किस्मों तथा उन्नत सब्जी उत्पादन प्रौद्योगिकियों के कारण संभव हो पाया है।

भाकृअनुप संस्थानों, केवीके, कृषि विश्वविद्यालयों तथा निजी क्षेत्र के उद्यमों द्वारा आलू, बीज, उर्वरक, लाभकारी सूक्ष्मजीवों, मछलियों, प्याज, लहसुन, कीटनाशक, ड्रॉप सिंचाई (टपक विधि) इत्यादि पर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सब्जी उत्पादन में योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में 3000 से भी अधिक किसानों ने भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप- भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी)