भाकृअनुप – केन्द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्थान, भुबनेश्वर द्वारा दाहोद, गुजरात में जनजातीय किसानों के लिए कार्यशाला व प्रशिक्षण

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्‍थान (CIFA), भुबनेश्वर  के आणंद स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केन्‍द्र द्वारा दिनांक 26 अक्‍तूबर, 2015 को भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्‍थान, भुबनेश्वर  के जनजातीय उप योजना कार्यक्रम के अंतर्गत ‘गुजरात के जनजातीय मत्‍स्‍य किसानों द्वारा वैज्ञानिक जलजीव पालन’पर एक पारस्‍परिक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ICAR-CIFA organizes workshop-cum-training for tribals at Dahod, GujaratICAR-CIFA organizes workshop-cum-training for tribals at Dahod, Gujarat

डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्‍थान, भुबनेश्वर ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मछलियों को अनुपूरक आहार प्रदान करके तथा बेहतर प्रबंधन विधियों को अपनाकर स्‍टॉकिंग के लिए अच्‍छी गुणवत्‍ता वाली मत्‍स्‍य बीज सहित वैज्ञानिक जलजीव पालन विधियों को अपनाकर जनजातीय किसानों की आजीविका स्थिति में सुधार करने पर जोर दिया।

डॉ. बी.सी. महापात्र, अध्‍यक्ष, जनजातीय उपयोजना तथा प्रधान वैज्ञानिक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्‍थान (CIFA), भुबनेश्वर  ने कहा कि भारत में अच्‍छी गुणवत्‍ता वाले मत्‍स्‍य बीज की बेहद मांग बनी हुई है और इसे एफआरपी हेचेरियों को व्‍यापक रूप से अपनाकर तथा गुजरात के जनजातीय क्षेत्रों में स्‍थान विशिष्‍ट जलजीव पालन प्रौद्योगिकियों के प्रसार हेतु फोकस करके पूरा किया जा सकता है।

इस कार्यक्रम में गुजरात के प्रगतिशील जनजातीय किसानों को रोहू, जयन्‍ती के आनुवंशिकीय रूप से उन्‍नत बीज वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, प्रसार अधिकारियों, विकास अधिकारियों तथा प्रगतिशील मत्‍स्‍य किसानों सहित 100 से भी अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्‍थान (CIFA), भुबनेश्वर )