मक्का् की खेती और मूल्यप वर्धन पर क्षमता विकास

भाकृअनुप – भारतीय मक्‍का अनुसंधान संस्‍थान (IIMR), नई दिल्‍ली द्वारा चालू फसल मौसम (15 सितम्‍बर – 30 अक्‍तूबर, 2015) के दौरान मक्‍का की  उत्‍पादन तथा मूल्‍य वर्धन प्रौद्योगिकियों पर चार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

Capacity Building on Maize Cultivatioin and Value-addittionCapacity Building on Maize Cultivatioin and Value-addittion

भाकृअनुप – भारतीय मक्‍का अनुसंधान संस्‍थान, नई दिल्‍ली ने  जनजातीय किसानों के लिए तीन राष्‍ट्रीय स्‍तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जिनमें नौ राज्‍यों यथा असोम (6); छत्‍तीसगढ़ (8); गुजरात (15); झारखंड (7); ओडि़शा (18); मध्‍य प्रदेश (18); राजस्‍थान (30); उत्‍तर प्रदेश (6) और तेलंगाना (10) से कुल 118 जनजातीय किसानों ने भाग लिया।

किसानों को मक्‍का के विभिन्‍न उत्‍पादन और प्रसंस्‍करण पहलुओं से अवगत कराया गया और उन्‍हें खेत तथा प्रसंस्‍करण संयंत्रों का दौरा भी कराया गया। प्रशिक्षुओं ने बेबीकॉर्न तथा स्‍वीटकॉर्न की उत्‍पादन प्रौद्योगिकियों, प्रसंस्‍करण तथा विपणन विधियों पर किसानों के साथ आपसी बातचीत भी की। प्रत्‍येक जनजातीय किसान को उन्‍नत संकर बीज और एक हैंड शेलर प्रदान किया गया।

प्रसार कार्मिकों के लिए ‘मक्‍का आधारित उत्‍पादन प्रणालियों के लिए उत्‍पादन, संरक्षण तथा मूल्‍य वर्धन’पर एक मॉडल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आठ राज्‍यों यथा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्‍ली, मध्‍य प्रदेश, जम्‍मू व कश्‍मीर, तमिलनाडु, मेघालय तथा उत्‍तर प्रदेश से राज्‍य कृषि विकास/प्रसार विभागों तथा राष्‍ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली के लगभग 37 अधिकारियों ने भाग लिया जिनमें 7 महिला अधिकारी भी शामिल थीं।

(स्रोत : भाकृअनुप – भारतीय मक्‍का अनुसंधान संस्‍थान (IIMR), नई दिल्‍ली)