मध्‍य प्रदेश में भाकृअनुप – भारतीय दलहन अनुसंधान संस्‍थान के क्षेत्रीय केन्‍द्र का शिलान्‍यास

24 फरवरी, 2016, भोपाल

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने आज यहां फंदा, मध्‍य प्रदेश में भाकृअनुप – भारतीय दलहन अनुसंधान संस्‍थान (IIPR) के क्षेत्रीय अनुसंधान केन्‍द्र की प्रयोगशाला व प्रशासनिक भवन का शिलान्‍यास किया। डॉ. महापात्र ने सन् 2020 तक दलहन में 24 मिलियन टन के लक्ष्‍य को हासिल करने पर बल दिया ताकि देश को आत्‍मनिर्भर बनाया जा सके और आयात पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके। उन्‍होंने लक्ष्‍यों की आपूर्ति में एक राष्‍ट्रीय योजना को लाने में सभी हितधारकों से सार्थक प्रयास करने का अनुरोध किया। उन्‍होंने अनुसंधानकर्मियों और वैज्ञानिकों के बीच संचार नेटवर्क को मजबूती प्रदान की इच्‍छा व्‍यक्‍त की और यह विचार दिया कि किसानों का एक डाटाबेस तैयार किया जाए।

Foundation Stone of ICAR-IIPR Regional Station laid at Madhya PradeshFoundation Stone of ICAR-IIPR Regional Station laid at Madhya PradeshFoundation Stone of ICAR-IIPR Regional Station laid at Madhya Pradesh

डॉ. महमूद सॉल्‍ह, महानिदेशक, इकार्डा ने अपने संबोधन में दलहन में नई किस्‍मों को विकसित करने और उनका प्रसार करने में भाकृअनुप के समन्‍वय और सहयोग की सराहना की।

डॉ. जे.एस. संधू, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने इच्‍छा व्‍यक्‍त की कि दालों में घाटे की क्षतिपूति  2-3 वर्ष की समय अवधि के भीतर कर दी जानी चाहिए।  उन्‍होंने विभिन्‍न दलहन कार्यक्रमों को सफल बनाने में किए गए प्रयासों की सराहना की।  

डॉ. बी.बी. सिंह, सहायक महानिदेशक (ओ पी), भाकृअनुप ने किसान भागीदारी युक्ति और बॉयबैक नीति द्वारा बीजों की खरीद करके दालों के गुणवत्‍तापूर्ण बीजों का उत्‍पादन करने पर बल दिया।

डॉ. एन.पी. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय दलहन अनुसंधान संस्‍थान ने देश में बीज उत्‍पादन लक्ष्‍यों को हासिल करने में बीज हब की जरूरत पर बल दिया। उन्‍होंने उपरोक्‍त लक्ष्‍यों को हासिल करने में सभी हितधारकों से  सक्रिय समन्‍वय, सहयोग और सिनर्जी के लिए अनुरोध किया।

अतिथिगणों द्वारा नव निर्मित फार्म सेवा भवन का उद्घाटन किया गया।

(स्रोत : भाकृअनुप – भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर)