भाकृअनुप – खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर का स्‍थापना दिवस समारोह

22 अप्रैल, 2016, जबलपुर, मध्‍य प्रदेश

भाकृअनुप – खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर द्वारा आज यहां 28वां स्‍थापना दिवस समारोह मनाया गया।

Foundation Day  of ICAR-Directorate of Weed Research, Jabalpur CelebratedFoundation Day  of ICAR-Directorate of Weed Research, Jabalpur Celebrated

समारोह के मुख्‍य अतिथि कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के अध्‍यक्ष डॉ. गुरबचन सिंह ने भारतीय कृषि में उभर रहे मुद्दों पर प्रकाश डाला और खरपतवार की रोकथाम पर अनुसंधान करने का सुझाव दिया। डॉ. सिंह ने क्षेत्र की सभी प्रमुख फसलों को शामिल करके दीर्घावधि प्रयोग करने और विभिन्‍न विषयों के वैज्ञानिकों को शामिल करके सभी प्रासंगिक पैरामीटरों का अध्‍ययन करने का सुझाव दिया। उन्‍होंने वैज्ञानिकों से प्रो- एक्टिव, पूर्वानुमानित, समस्‍या सुलझाने वाला, परिणाम उन्‍मुख तथा किसान भागीदारी से जुड़ा अनुसंधान एक नेटवर्क मोड में करने के लिए कहा। उन्‍होंने किसानों के साथ काम करते हुए तथा खेत की वास्‍तविक स्थितियों में समस्‍या का समाधान करते हुए उपज अन्‍तराल को पाटने पर बल दिया ।

डॉ. वी.एस. तोमर, कुलपति, जेएनकेवीवी, जबलपुर तथा प्रोफेसर पी.डी. जुयाल, कुलपति, एनडीवीएसयू, जबलपुर ने निदेशालय द्वारा किए गए योगदान की सराहना की।

डॉ. ए.आर. शर्मा, निदेशक, भाकृअनुप – खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ने वर्ष 2015 के दौरान संस्‍थान की प्रमुख उपलब्धियों और नवीन पहलों के बारे में संक्षिप्‍त जानकारी दी। उन्‍होंने आविर्भाव के उपरान्‍त नए शाकनाशी अणुओं वाली मक्‍का में खरपतवार की रोकथाम के लिए की गई उपलब्धियों, ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ कार्यक्रम के तहत मध्‍य प्रदेश के 4 जिलों में 20 गांवों को अपनाने, ‘विश्‍व मृदा दिवस’ के आयोजन तथा  एशियन पैसिफिक वीड साइन्‍स सोसायटी के 25वें  सम्‍मेलन के बारे में  बताया । उन्‍होंने बताया कि निदेशालय के फार्म में 300 प्रतिशत की फसलचक्र सघनता की अनूठी विशिष्‍टता हासिल की गई है और वहां संरक्षित कृषि आधारित प्रौद्योगिकियों को पूरी तरह से अपनाया गया है। भाकृअनुप/ राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालय प्रणाली में ऐसा करने वाला यह पहला संस्‍थान है।

व्‍यापक पैमाने पर खरपतवार प्रबंधन और संरक्षित कृषि आधारित प्रौद्योगिकियों को अपनाने और जबलपुर क्षेत्र में अन्‍य किसानों के समक्ष उदाहरण प्रस्‍तुत करने के लिए तीन किसानों को सम्‍मानित किया गया।

इस अवसर पर तीन प्रकाशनों को जारी किया गया।

(स्रोत : भाकृअनुप – खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर)