शूकर पालन में सुधार लाने वाली प्रौद्योगिकियों की सराहना

30 जनवरी, 2016, गुवाहाटी, असोम

श्री राधा मोहन सिंह, माननीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री ने आज यहां भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्‍द्र, रानी, गुवाहाटी का दौरा किया। माननीय मंत्री महोदय ने किसान अनुकूल प्रौद्योगिकियों का विकास करने के लिए संस्‍थान द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने वैज्ञानिकों से देश में कृषि उत्‍पादन को बढ़ाने और किसान कल्‍याण को प्रोत्‍साहित करने के लिए भारत के माननीय प्रधान मंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यक्रमों विशेषकर किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड जारी करने और सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) में बढ़ चढ़कर भाग लेने का अनुरोध किया। उन्‍होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित की गईं प्रौद्योगिकियां किसानों तक अवश्‍य पहुंचनी चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं कि ये प्रौद्योगिकियां किसानों के लिए उपयोगी हों । शूकर के मूल्‍यवर्धन के लिए केन्‍द्र द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों की सराहना करते हुए माननीय मंत्री महोदय ने सुलभ पहुंच और भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्‍द्र की प्रौद्योगिकियों के बारे में ज्‍यादा जानकारी सुलभ कराने के लिए एक शूकर व शूकर उत्‍पाद बिक्री पटल स्‍थापित करने का सुझाव दिया।

Technologies for Improving Pig Husbandry AppreciatedTechnologies for Improving Pig Husbandry Appreciated

माननीय मंत्री महोदय के साथ श्रीमती बिजोया चक्रवर्ती, माननीय सांसद (लोक सभा) एवं अध्‍यक्ष, महिला सशक्‍तीकरण समिति तथा श्री पंकज कुमार पाठक, सदस्‍य, संस्‍थान प्रबंधन समिति, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्‍द्र, रानी, गुवाहाटी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

इससे पूर्व डॉ. डी.के. शर्मा, निदेशक भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्‍द्र, रानी, गुवाहाटी ने माननीय केन्‍द्रीय मंत्री का स्‍वागत करते हुए वैज्ञानिक शूकर पालन को बढ़ावा देने में अनुसंधान केन्‍द्र की प्रमुख उपलब्धियों को प्रस्‍तुत किया।

इस बैठक में भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्‍द्र, रानी, गुवाहाटी  तथा स्‍थानीय भाकृअनुप – संस्‍थानों, क्षेत्रीय केन्‍द्रों, उत्‍तर पूर्वी क्षेत्र के लिए भाकृअनुप का अनुसंधान परिसर, उमियाम और कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के  वैज्ञानिकों व स्‍टॉफ ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्‍द्र, रानी, गुवाहाटी)