भाकृअनुप संस्‍थानों, कृषि विश्‍वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केन्‍द्रों में विश्‍व मृदा दिवस समारोह

5 दिसम्‍बर, 2015

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भाकृअनुप संस्‍थानों द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करके और किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड का वितरण करके आज विश्‍व मृदा दिवस समारोह मनाया गया। किसानों को इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया और अधिकतम फार्म उत्‍पादकता के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड का उपयोग करने के प्रति जागरूक किया गया।

भाकृअनुप के संस्‍थानों, कृषि विश्‍वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केन्‍द्रों पर 5 दिसम्‍बर, 2015 को आयोजित विश्‍व मृदा दिवस समारोह की रिपोर्ट
भाकृअनुप – भारतीय मृदा विज्ञान संस्‍थान, भोपाल

भाकृअनुप – भारतीय मृदा विज्ञान संस्‍थान, भोपाल द्वारा किसान महासम्‍मेलन और मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरण समारोह  का आयोजन करके विश्‍व मृदा दिवस मनाया गया।

श्री शिवराज सिंह चौहान, मध्‍य प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री  एवं समारोह के मुख्‍य अतिथि ने वर्तमान एवं भावी पीढ़ी के लिए मृदा, जल और खाद्य की गुणवत्‍ता को बचाकर रखने के लिए मृदा की जांच करने और संतुलित उर्वरीकरण की महत्‍ता पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि सरकार कृषि को एक लाभप्रद व्‍यवसाय बनाने के लिए संकल्‍पबद्ध है। उन्‍होंने सूचित किया कि मृदा की जांच कराने के लिए  राज्‍य स्‍तर पर एक अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत प्रत्‍येक विकास ब्‍लॉक में मृदा की जांच के लिए प्रयोगशाला खोली जाएगी। उन्‍होंने किसानों से खेती में होने वाले अनावश्‍यक खर्च में कमी लाने के लिए अपने खेत की मिट्टी की जांच कराने और सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों का इस्‍तेमाल करने का अनुरोध किया। श्री चौहान ने फसल चक्र की महत्‍ता पर बल दिया और मृदा व पर्यावरण में फसल को जलाने के दुष्‍परिणामों के बारे में सचेत किया। उन्‍होंने किसान समुदाय से फसल अपशिष्‍ट को जलाने की प्रथा को बंद करने की अपील की।  

World soil day at IISS, BhopalWorld soil day at IISS, Bhopal

श्री चौहान ने मध्‍य प्रदेश के आदिवासी जिलों के सहित विभिन्‍न जिलों से आए किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए।

श्री गौरी शंकर बिसेन, माननीय कृषि मंत्री, मध्‍य प्रदेश सरकार ने टिकाऊ कृषि में मृदा स्‍वास्‍थय को बनाये रखने और इसकी जांच कराने की महत्‍ता बताई। उन्‍होंने किसानों के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के माध्‍यम से राज्‍यभर में मृदा की जांच कराने की मध्‍य प्रदेश सरकार की योजना के बारे में विस्‍तार से बताया।

श्री विश्‍वास सारंग, स्‍थानीय विधायक; श्री मनमोहन नागर, अध्‍यक्ष, जिला पंचायत, भोपाल; श्री प्रेम चन्‍द मीणा , आईएएस, कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त, मध्‍य प्रदेश; डॉ. राजेश राजौरा, आईएएस, प्रधान सचिव (कृषि एवं किसान कल्‍याण विभाग), मध्‍य प्रदेश सरकार ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

इस कार्यक्रम का आयोजन मध्‍य प्रदेश सरकार और  भाकृअनुप – भारतीय मृदा विज्ञान संस्‍थान, भोपाल द्वारा संयुक्‍त रूप से किया गया जिसमें राज्‍य के विभिन्‍न जिलों से आए लगभग 25,000 से भी अधिक किसानों ने भाग लिया।

इससे पूर्व, डॉ. अशोक के. पात्रा, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय मृदा विज्ञान संस्‍थान, भोपाल ने अतिथिगणों का स्‍वागत किया।

इस अवसर पर एक किसान संगोष्‍ठी आयोजित की गई और कृषि प्रौद्योगिकियों पर एक प्रदर्शनी लगाई गई।

भाकृअनुप – विवेकानन्‍द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, अल्‍मोड़ा

डॉ. ए. पटनायक, निदेशक, भाकृअनुप – विवेकानन्‍द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, अल्‍मोड़ा ने मृदा के महत्‍व पर बल देते हुए किसानों से मिट्टी की जांच कराने के उपरान्‍त ही अपने खेतों में उर्वरकों का इस्‍तेमाल करने का अनुरोध किया ताकि वे बेहतर उत्‍पादन हासिल कर सकें। अपने दो कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के साथ भाकृअनुप – विवेकानन्‍द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, अल्‍मोड़ा ने कुल 850 मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड तैयार किए और 20 कार्ड को अल्‍मोड़ा जिले के 8 गांवों से आए किसानों को वितरित किया। मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड लगातार तीन वर्ष तक वैध रहेगा और 3 वर्ष के पश्‍चात एक बार पुन: मृदा का उर्वरता विश्‍लेषण किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में उत्‍तराखंड के विभिन्‍न भागों से आए लगभग 50 किसानों ने भाग लिया।

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शीतोष्‍ण बागवानी संस्‍थान, श्रीनगर

डॉ. डी.बी. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शीतोष्‍ण बागवानी संस्‍थान, श्रीनगर ने बताया कि विश्‍व मृदा दिवस समारोह का मकसद उत्‍पादों के उत्‍पादन और गुणवत्‍ता में सुधार लाने और साथ ही किसान समुदाय के सामाजिक – आर्थिक उत्‍थान के लिए मृदा की जांच पर आधारित सिफारिशों को बढ़ावा देना है। उन्‍होंने स्‍थान विशिष्‍ट तथा मृदा परीक्षण आधारित निवेश प्रबंधन करने की आवश्‍यकता जताई। कश्‍मीर के विभिन्‍न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में किसान समुदाय की समस्‍याओं को जानने के लिए एक किसान – वैज्ञानिक पारस्‍परिक बैठक भी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम में भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शीतोष्‍ण बागवानी संस्‍थान, श्रीनगर तथा कृषि विज्ञान केन्‍द्र, बारामूला के वैज्ञानिकों, तकनीकी तथा प्रशासनिक स्‍टॉफ सदस्‍यों के साथ साथ बारामूला जिले से आए किसानों ने भाग लिया।

भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय लीची अनुसंधान केन्‍द्र, मुजफ्फरपुर, बिहार

World Soil Day Celebrated at ICAR Institutes डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी, पूर्व कुलपति, राजेन्‍द्र कृषि विश्‍वविद्यालय, समस्‍तीपुर, बिहार ने कार्यक्रम की अध्‍यक्षता की और श्री अजय निषाद, माननीय सांसद, मुजफ्फरपुर कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि थे। श्री सुरेश शर्मा, माननीय विधायक, मुजफ्फरपुर इस समारोह के विशिष्‍ट अतिथि थे।

डॉ. त्रिवेदी ने गुणवत्‍ता और सुनिश्चित लीची उत्‍पादन के लिए मृदा के नमूनों और प्रबंधन की महत्‍ता पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने रोपण की सघन निगरानी करने पर भी जोर दिया। श्री निषाद ने केन्‍द्र द्वारा की गई पहल की सराहना की और किसानों तक अधिक पहुंच स्‍थापित करने के लिए सेटअप को मजबूत बनाने का सुझाव दिया। श्री शर्मा ने सुनिश्चित आय के लिए लीची के प्रभावी कीट प्रबंधन पर अनुसंधान करने की जरूरत बताई। मुजफ्फरपुर तथा वैशाली जिलों के किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम में लगभग 100 किसानों और केन्‍द्र के स्‍टॉफ ने भाग लिया।

भाकृअनुप – भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्‍थान, झांसी  

World Soil Day Celebrated at ICAR Institutes श्री रवि शर्मा, माननीय विधायक, सदर, झांसी और कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि ने इस बात पर बल दिया कि फसल उत्‍पादन के लिए मृदा सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण राष्‍ट्रीय संसाधन है और किसानों को पोषक तत्‍वों के अत्‍यधिक अथवा कमतर उपयोग से बचने के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के अनुसार अपनी फसलों में विभिन्‍न पोषक तत्‍वों की आपूर्ति करनी चाहिए।

डॉ. ओ.पी. चतुर्वेदी, निदेशक, सीएएफआरआई, झांसी और कार्यक्रम के विशिष्टि अतिथि ने कहा कि मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड किसानों के लिए पोषक तत्‍वों का उपयोग करने में सुलभ संदर्भ के रूप में कार्य करेंगे और लंबे समय तक मृदा स्‍वास्‍थ्‍य को टिकाऊ बनाये रखने में मदद करेंगे।

डॉ. पी.के. घोष, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्‍थान, झांसी ने बताया कि संस्‍थान द्वारा मेरा गांव मेरा गौरव योजना के अंतर्गत उत्‍तर प्रदेश तथा मध्‍य प्रदेश के 80 से भी अधिक गांवों को अपनाया है और सभी किसानों को चरणबद्ध तरीके से मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड उपलब्‍ध कराये जायेंगे।

इस अवसर पर विभिन्‍न ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ गांवों के कुल 59 किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किये गये। कार्ड में किसानों की सामान्‍य जानकारी, उनके खेत की मृदा स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति और उनके द्वारा बोई गई विभिन्‍न फसलों में विभिन्‍न पोषक तत्‍वों का अनुप्रयोग करने से संबंधित परामर्श शामिल था।

भाकृअनुप- भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्‍थान, देहरादून

भाकृअनुप - भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्‍थान, देहरादून और इंडियन एसोसिएशन ऑफ सॉयल एवं वॉटर कन्‍जरवेशनिस्‍ट, देहरादून द्वारा संयुक्‍त रूप से विश्‍व मृदा  दिवस समारोह मनाया गया।

श्री राजकुमार, समारोह के मुख्‍य अतिथि एवं माननीय विधायक तथा उत्‍तराखंड विधानसभा के संसदीय सचिव ने देहरादून के आसपास खेती की जमीन कम होने और पर्वतों से शहरों की ओर देशान्‍तरण होने पर अपनी चिंता जताई। उन्‍होंने वैज्ञानिकों तथा किसानों से टिकाऊ एवं लाभप्रद कृषि पर ध्‍यान देने की अपील की।

डॉ. राजेन्‍द्र डोभाल, महानिदेशक, यूसीओएसटी एवं समारोह के विशिष्‍ट अतिथि ने सुझाव दिया कि किसानों को अपनी मृदा की जांच रिपोर्ट और फसल आवश्‍यकता के अनुसार खाद और उर्वरक का प्रयोग करना चाहिए। उन्‍होंने टमाटर और अनार का विशेष उदाहरण देते हुए सब्जियों और फलों के लिए मृदा के सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों की महत्‍ता पर प्रकाश डाला।

डॉ. पी.के. मिश्रा, निदेशक, भाकृअनुप- भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्‍थान, देहरादून ने ‘मृदा बचाओ अभियान पर शपथ’  दिलाई।

ग्रामीणों की ओर से गांव अट्टल, गांव सैंज, गांव थाटुट और गांव नैनी से ग्राम प्रधान ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड प्राप्‍त किये। अपने संबोधन में श्री राजकुमार, विशिष्‍ट अतिथि ने एचआरडी प्रभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी दौरा किया।

इस कार्यक्रम में 30 किसानों, 10 छात्रों, स्‍कूली शिक्षकों, वैज्ञानिकों, तकनीकी तथा प्रशासनिक स्‍टाफ सहित 150 से भी अधिक हितधारकों ने भाग लिया।

भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय अनार अनुसंधान केन्‍द्र, शोलापुर

भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय अनार अनुसंधान केन्‍द्र, शोलापुर द्वारा कृषि विज्ञान केन्‍द्र, शोलापुर के साथ मिलकर गांव सुरडी, तालुका बरशी, जिला शोलापुर में ‘मृदा स्‍वास्‍थ्‍य प्रबंधन’ पर एक जागरूकता कैम्‍प लगाया गया।

डॉ. आर.के. पाल, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय अनार अनुसंधान केन्‍द्र, शोलापुर ने अपने संबोधन में ‘’स्‍वस्‍थ धरा – खेत हरा’’ की राष्‍ट्रीय तर्ज पर ‘’मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड’’ को जारी करने पर व्‍यापक जागरूकता कार्यक्रम के महत्‍व पर बल दिया।

इस कार्यक्रम में सुरडी गांव के लगभग 150 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और लगभग 250 मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड किसानों को वितरित किए गए।

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्‍थान, झांसी  
 
World Soil Day Celebrated at ICAR Institutes श्री रवि शर्मा, माननीय विधायक, सदर, झांसी ने मुख्‍य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई । उन्‍होंने किसानों से कृषि की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने और मृदा के उर्वरता स्‍तर और मृदा विश्‍लेषण के आधार पर की गईं सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए कहा। मुख्‍य अतिथि ने नई पहल के लिए संस्‍थान द्वारा चुने गये दो नवोन्‍मेषी किसानों को सम्‍मानित किया।

डॉ. पी.के. घोष, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्‍थान, झांसी और कार्यक्रम के विशिष्‍ट अतिथि ने सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों का अनुप्रयोग करते समय संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने पर बल दिया क्‍योंकि अधिक मात्रा में इनका प्रयोग करने से विषाक्‍तता हो सकती है।

डॉ. ओ.पी. चतुर्वेदी, निदेशक, सीएएफआरआई ने पर्यावरण सुरक्षा और इकोलॉजीकल संतुलन के लिए स्‍वस्‍थ मृदा की महत्‍ता पर प्रकाश डाला।

इस कार्यक्रम में निकटवर्ती गांवों के लगभग 100 किसानों ने भाग लिया और 44 किसानों ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड प्राप्‍त किये।

भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय चावल अनुसंधान संस्‍थान, कटक  

भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय चावल अनुसंधान संस्‍थान, कटक ने कृषि विज्ञान केन्‍द्र, कटक के साथ मिलकर मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि और कटक के माननीय सांसद श्री भतृहरि महताब ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड की महत्‍ता पर प्रकाश डाला और किसानों को मृदा की जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्‍साहित किया।

निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय चावल अनुसंधान संस्‍थान, कटक ने उपस्थित जनों को  उत्‍पादकता को बढ़ाने में मृदा अपघटन और अन्‍य चुनौतियों के बारे में बताया। उन्‍होंने बताया कि फसलों की उत्‍पादकता को बढ़ाने में मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड द्वारा मुख्‍य भूमिका अदा की जाएगी।

श्री पर्वत रंजन बिस्‍वाल, विधायक, कटक एवं कार्यक्रम के विशिष्‍ट अतिथि ने इस अवसर पर भावी पीढ़ियों के लिए मृदा की उर्वरता को बनाये रखने की ओर किसानों का ध्‍यान आकर्षित किया।

इस कार्यक्रम में कटक जिले के सलेपुर, महांगा, निश्चिंताकोली, तिगरिया, बाडम्‍बा, तांगी – चौधवार, नियाली तथा कटक – सदर ब्‍लॉक के किसानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर 130 किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किये गए।

भाकृअनुप उत्‍तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप का अनुसंधान परिसर, मेघालय

World Soil Day Celebrated at ICAR Institutes अपने छ: क्षेत्रीय केन्‍द्रों और 15 कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के साथ भाकृअनुप – उत्‍तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप का अनुसंधान परिसर, मेघालय ने सभी सातों उत्‍तर-पूर्वी पर्वतीय राज्‍यों में ‘विश्‍व मृदा दिवस’ मनाया गया।

श्री तथागत रॉय, माननीय राज्‍यपाल, त्रिपुरा ने परिवर्तनशील जलवायु में पर्वतीय कृषि को टिकाऊ बनाने पर आयोजित राष्‍ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन समारोह में किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड और मृदा परीक्षण किट वितरित कीं।

डॉ. एस.वी. नचान ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के महत्‍व के बारे में बताया और उपस्थित जनों को पर्वतीय किसानों के बीच मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के आधार पर खेती करने को लोकप्रिय बनाने की सलाह दी।

वैज्ञानिक – किसान आपसी विचार-विमर्श के दौरान त्रिपुरा के 50 और मेघालय के 10 किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड, मृदा स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किट और फल मक्‍खी ट्रैप वितरित किए गए।

दीमापुर, नगालैण्‍ड में श्री नेफियो रियो, माननीय सांसद और नगालैण्‍ड के पूर्व मुख्‍यमंत्री तथा श्री जैलियो रियो, विधायक ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए।

मेघालय के तुरा में संसदीय सचिव श्री नोवरफील्‍ड आर. मराक ने किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए।

डॉ. थोकचोम मिन्‍या, माननीय सांसद (आंतरिक मणिपुर), श्री निंगथाउजम जियोफ्री, आईएएस, उपायुक्‍त ने इम्‍फाल पश्चिम, मणिपुर के किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए। श्री खैकोमांग, अध्‍यक्ष, वित्‍त समिति एमडीसी ने मणिपुर के चूड़ाचन्‍द्रपुर जिले में आयोजित विश्‍व मृदा स्‍वास्‍थ्‍य दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। सभी क्षेत्रीय केन्‍द्रों और कृषि विज्ञान केन्‍द्रों पर मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के उपयोग और लाभ के बारे में चर्चा करने के लिए किसान – वैज्ञानिक पारस्‍परिक वार्ता आयोजित की गईं।

भाकृअनुप – उत्‍तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप का अनुसंधान परिसर, मेघालय द्वारा विभिन्‍न राज्‍यों किसानों को लगभग 5500 मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड तथा 100 मृदा स्‍वास्‍थ्‍य किट वितरित की गईं।

भाकृअनुप भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ

डॉ. के.एन. तिवारी, पूर्व अध्‍यक्ष, मृदा विज्ञान विभाग, सीएसए कृषि विश्‍वविद्यालय, कानपुर ने समारोह के मुख्‍य अतिथि के रूप में उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न जिलों के 300 से भी अधिक किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किये। डॉ. तिवारी ने कृषि उत्‍पादकता और पर्यावरण संरक्षण में टिकाऊ वृद्धि के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार की आवश्‍यकता बताई।

डॉ. ए.डी. पाठक, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य और उर्वरता में गिरावट के प्रति अपनी चिन्‍ता जताई और इसमें सुधार के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य की महत्‍वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि संस्‍थान द्वारा अभी 600 से भी अधिक खेतों की मिट्टी का जांच की जा चुकी है जिसके आधार पर मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड तैयार किए गए हैं।