उन्नत कृषि औजार व मशीनरी पर प्रशिक्षण

24 दिसंबर 2016, पटना

पूर्वी क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पटना में उन्नत कृषि औजार व मशीनरी पर किसानों को जानकारी तथा प्रशिक्षण देने के लिए तीन दिवसीय (22 - 24 दिसंबर, 2016) कार्यशाला व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उन्नत कृषि औजार व मशीनरी पर प्रशिक्षणउन्नत कृषि औजार व मशीनरी पर प्रशिक्षणउन्नत कृषि औजार व मशीनरी पर प्रशिक्षण

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने समापन कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि पटना में कृषि मशीनरी संसाधन केन्द्र की स्थापना 28 जून, 2016 को इस शासनादेश के साथ हुई कि किसानों को उन्नत यंत्र उपलब्ध कराये जाएं तथा यंत्र निर्माण, मरम्मत तथा रखरखाव से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किए जाएं। इस सुविधा के तहत 100 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस प्रकार से प्रशिक्षित किसान लघुउद्यम स्थापित कर सकते हैं तथा संबंधित क्षेत्रों में रोजगार का भी सृजन कर सकते हैं।

मंत्री महोदय ने कहा कि यह निर्माताओं और अनुसंधान तथा विकास संगठनों की जिम्मेदारी है कि इन प्रौद्योगिकियों को किसानों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अकादमी तथा उद्योग क्षेत्रों को संगठित होकर रणनीतियां विकसित करने की आवश्यकता है।

श्री सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने 126 कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना के लिए वर्ष 2014-15 के दौरान 9.01 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं। वर्ष 2016-17 के दौरान भारत सरकार द्वारा ग्राम स्तर पर 40 कस्टम हायरिंग केन्द्रों, 02 उच्च तकनीक केन्द्रों और 229 फार्म मशीनरी बैंकों की स्थापना के लिए 14 करोड़ रुपए अनुमोदित किए गए हैं।

कार्यक्रम में मंत्री महोदय ने पटना और पूर्वी चंपारण जिलों के छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।

डॉ. बी.पी. भट्ठ, संस्थान के निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि केवीके, बक्सर में कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित करने का प्रावधान है जिससे कृषि संबंधित उपकरण उपलब्ध कराये जा सकें। जहां किसानों को किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जा सके। इससे छोटे किसानों को समय पर कृषि कार्यों को पूरा करने में सहयोग मिलेगा।

तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान कृषि में प्रयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों एवं औजारों के बारे में प्रायोगिक ज्ञान तथा रखरखाव के बारे में जानकारियां खेत मशीनरी के विषय-वस्तु विशेषज्ञों द्वारा ट्रैक्टर, जीरो टिल ड्रिल मशीन, वीडर, पावर वीडर, रीपर आदि के बारे में प्रदान की गई। कार्यक्रम में पटना तथा पूर्वी चम्पारण जिले के 87 किसानों ने भाग लिया।

(स्रोतः पूर्वी क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पटना)