कृषि वैज्ञानिक अनाज का उत्पादन बढ़ाने की चुनौतियों का सामना करें - पवार

जबलपुर, 3 दिसम्बर 2011

कृषि वैज्ञानिक अनाज का उत्पादन बढ़ाने की चुनौतियों का सामना करें - पवारकेन्द्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री शरद पवार ने कृषि वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे बढ़ती हुई आबादी को अनाज उपलब्ध करवाने की चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहें। उन्होंने यहां जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में कृषि विज्ञान केन्द्र के छठे सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे वैज्ञानिक किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देने का अच्छा प्रयास कर रहे हैं। इनसे किसानों को पूरक खेती के बारे में भी उपयोगी जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि देश की 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती से जुड़ी हुई है।

उन्होंने प्रयोगशालाओं का ज्ञान किसानों तक पहुंचाने के प्रयासों को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। श्री पवार ने कहा कि हरित क्रांति के अग्रदूत नारमान बोरलाग के नाम पर जबलपुर में गेहूं-मक्का अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की गई है।

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इस मौके पर उपस्थित केन्द्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री डा. चरणदास महंत ने कहा कि विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी को अनाज उपलब्ध करवाने के लिए मौजूदा उत्पादन में अ़धिक वृद्धि हासिल करनी होगी। मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री श्री अजय बिश्नोई ने   कृषि विज्ञान केन्द्रों को पशुपालन विज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता बताई। प्रदेश के कृषि मंत्री डा. रामकृष्ण कुसुमरिया ने जैविक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की वकालत की।

इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा.एस. अय्यप्पन ने कहा कि राज्य सरकारों के सहयोग से देश में कृषि विज्ञान केन्द्रों का विस्तार किया जा रहा है। सेमिनार में कृषि विज्ञान केन्द्रों के लगभग 1300 वैज्ञानिकों व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

समारोह में जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. गौतम कल्लू, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक (कृषि विस्तार) डा. के.डी. कोकाटे और उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) डा.के.एम.एल. पाठक भी मौजूद थे। किसानों को पूरक खेती के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी में सर्वोतम  कृषि विज्ञान केन्द्र अवार्ड भी दिये गए।

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