आजादी के अमृत महोत्सव में केंद्रीय कृषि मंत्री के उद्बोधन के साथ संपन्न हुई भाकृअनुप की 75 व्याख्यानों की श्रृंखला

आजादी के अमृत काल तक सारी दुनिया को दिशा देने वाली हों भारतीय कृषि - श्री तोमर

16 अगस्त, 2022, नई दिल्ली

श्री नरेंद्र सिंह तोमर, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मेंत्री ने कहा भारतीय कृषि सम्पूर्ण विश्व में महत्वपूर्ण स्थान ऱखता है, कृषकों का परिश्रम और सरकार की किसान हितैषी नीति ने कृषि को आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे भारत आज विश्व स्तर पर कृषि उत्पादन में पहले या दूसरे नंबर पर है। श्री तोमर आज ‘’आत्मनिर्भर कृषि" पर व्याख्यान दे रहे थे।

आजादी के अमृत महोत्सव में केंद्रीय कृषि मंत्री के उद्बोधन के साथ संपन्न हुई भाकृअनुप की 75 व्याख्यानों की श्रंखला

श्री तोमर ने अपने व्याख्यान में कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, कृषि क्षेत्र में प्रोद्येगिकी का उपयोग बढ़ाने और गांव-गांव में आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए सरकार काम कर रही है, जिससे खेती में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पढ़े-लिखे युवा गांवों में ही रहकर कृषि की ओर आकर्षित होंगे। श्री तोमर ने कहा कि अमृत काल में हिंदुस्तान की कृषि की विश्व प्रशंसा करें, यहां ज्ञान लेने आएं, ऐसा हमारा गौरव हों, विश्व कल्याण की भूमिका निर्वहन करने में भारत समर्थ हों।

कृषि मंत्री ने कहा भाकृअनुप बहुत ही महत्वपूर्ण संस्थान हैं, जिसकी भुजाएं देशभर में फैली हुई हैं। कृषि की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संस्थान लगा हुआ है। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर भाकृअनुप परिवार व समस्त संबद्ध संस्थान, वैज्ञानिक और कृषि विश्वविद्यालयों को संकल्प करना चाहिए कि एक निर्धारित अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो सकें, देश की प्रतिष्ठा दुनिया के मानचित्र में प्रतिष्ठापित हो सकें, दुनिया को हम कृषि क्षेत्र में योगदान दे सकें।

उन्होंने कहा भाकृअनुप व कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि के विकास में बहुत अच्छा काम किया है। उनकी कोशिश रही है कि नए बीजों का आविष्कार करें, उन्हें खेतों तक पहुंचाएं, उत्पादकता बढ़े, नई तकनीक विकसित की जाएं और उन्हें किसानों तक पहुंचाया जाएं। जलवायु अनुकूल बीजों की किस्में, फोर्टिफाइड किस्में जारी करना इसमें शामिल हैं। श्री तोमर ने कहा सभी क्षेत्रों में वैज्ञानिकों ने कम समय में अच्छा काम किया, जिसका लाभ देश को मिल रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि शिक्षा की दृष्टि से भी भाकृअनुप जिम्मेदारी से काम कर रहा है। नई शिक्षा नीति का समावेश कृषि क्षेत्र में हो, इस पर काम किया गया है। स्कूलों में भी कृषि पाठ्यक्रम जुड़े, इस दिशा में भी पहल हुई है ताकि शुरू से ही बच्चों के मन में कृषि के प्रति बेहतर भाव व जागृति रहे व उन्हें कृषि के महत्व की जानकारी रहे।

श्री तोमर ने यह बात भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) द्वारा आयोजित व्याख्यान श्रंखला की समापन कड़ी में कही।

डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप) ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने कहा यह श्रृंखला 17 मार्च 2021 को शुरू हुई थी और विभिन्न विषयों पर 75 व्याख्यान - विशेषज्ञों, प्रख्यात वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, आध्यात्मिक नेताओं, प्रेरक वक्ताओं और सफल उद्यमियों द्वारा दिए गए। महानिदेशक ने कहा, प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के 75वें दिवस के अवसर पर लालकिले के प्राचीर से अनुसंधान की महत्ता को उद्धृत करते हुए, “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान” का नया संकल्प देशवासियों के सामने रखा।

इस कार्यक्रम का संचालन, डा. आर.सी. अग्रवाल, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप ने किया।

भाकृअनुप के पूर्व डीजी डा. त्रिलोचन महापात्र सहित कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, भाकृअनुप के अधिकारियों, वरिष्ठ संकाय, वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अन्य लोगों ने इसमें भाग लिया।

(स्रोतः भाकअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्ली)