महानिदेशक भाकृअनुप ने किया भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान का दौरा

14 नवम्बर, 2021, वाराणसी

डा. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप) ने भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी, उत्तर प्रदेश का दौरा  किया। इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिको के साथ संस्थान में चल रहे शोध एवं प्रसार कार्यों पर विचार विमर्श किया। उन्होंने वैज्ञानिकों द्वारा सुचारू रूप से संचालित किसानों के लिए उपयोगी फसल उन्नयन, उत्पादन एवं सुरक्षा संबंधित शोध गतिविधियों को रेखांकित किया।

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महानिदेशक ने संस्थान में आर.सी.जी.एम. से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर बीटी बैंगन से संबंधित शोध की कनफाइंड फील्ड ट्रायल के रूप में किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अल्प उपयोगी सब्जियों पर किए जा रहे अनुसंधान, पोषण सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। वैज्ञानिकों द्वारा तैयार अंतर्राष्ट्रीय बाजार के लिए उपयुक्त हरी मिर्च पाउडर के बारे में अवगत कराते हुए डॉ, महापात्र ने इस प्रकार के उत्पाद तैयार करने हेतु युवकों को तकनीकी जानकारी देने का आग्रह किया।

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साथ ही उन्होंने भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में चल रहे राष्ट्रीय कृषि विज्ञान कोष से संचालित परियोजना “भारत के पूर्वी क्षेत्रों के लिए किसानों का उत्पादक संगठन द्वारा प्रौद्योगिकी हस्तांत्रण मॉडल का विकास एवं पुष्टीकरण” के तहत बंगालीपुर, के परिसर का भ्रमण एवं किसान गोष्ठी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान महानिदेशक ने गांव के प्रगतिशील किसान श्री अवनीश कुमार पटेल के परिसर का अवलोकन किया तथा श्री पटेल द्वारा की जा रही संरक्षित खेती में शिमला मिर्च के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित बैंगन (काशी सन्देश) तथा मिर्च (काशी आभा और काशी रत्ना)  की उच्च गुणवत्ता को देखते हुए इसे वृहद् पैमाने पर किसानों को उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

डॉ. महापात्र ने किसानों के साथ विचार-विमर्श के दौरान उन्हें एफ.पी.ओ. (फार्मर प्रॉड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी आय दोगुनी की जा सके।

संस्थान के निदेशक, डॉ. तुषार कांति बेहेरा ने एन.ए.एस.एफ. परियोजना पर प्रकाश डालते हुए परियोजना किसानों को एफ.पी.ओ. से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया, जिससे किसान अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। निदेशक ने भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को एन.ए.एस.एफ. परियोजना के सहयोग से एफ.पी.ओ. से जोड़ने के संकल्प के बारे में बताया, जिसके लिए वह निरन्तर प्रशिक्षण तथा किसान गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

स्रोतः भा.कृ.अनु..- भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी