भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली में सहायकों (बैच-1) के लिए मॉड्यूल-III प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

भाकृअनुप-आईएआरआई, नई दिल्ली में सहायकों (बैच-1) के लिए मॉड्यूल-III प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

16 अक्टूबर, 2026, नई दिल्ली

रिफॉर्म उत्सव के तहत सहायकों के लिए मॉड्यूल-III प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रथम बैच, का आयोजन 5 से 16 अक्टूबर 2026 तक भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भाकृअनुप संस्थानों में कार्यरत सहायकों के प्रशासनिक ज्ञान, व्यावसायिक दक्षता और कार्यात्मक कुशलता को बढ़ाना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम भाकृअनुप प्रणाली के विभिन्न संस्थानों के 50 प्रतिभागियों के लिए तैयार किया गया था, जिनमें भाकृअनुप–आईएआरआई से 16, भाकृअनुप–आईएएसआरआई से 3, भाकृअनुप–एनबीपीजीआर से 3, भाकृअनुप–एनआईएईपीआर से 1, भाकृअनुप–एनआईपीबी से 2, भाकृअनुप–एनआरआईआईपीएम से 1 और भाकृअनुप मुख्यालय से 24 प्रतिभागी शामिल थे। इस विविध प्रतिनिधित्व ने प्रतिभागियों को संस्थागत अनुभवों का आदान-प्रदान करने और भाकृअनुप प्रणाली में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की व्यापक समझ विकसित करने का अवसर प्रदान किया।

कुल 28 संसाधन व्यक्तियों, जिनमें मुख्य रूप से भाकृअनुप मुख्यालय और दिल्ली स्थित भाकृअनुप संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे, ने व्याख्यान दिए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली, नियमों, प्रक्रियाओं तथा संस्थागत प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता साझा की। इस व्यवस्था ने यात्रा और संबंधित लॉजिस्टिक्स पर व्यय को न्यूनतम रखते हुए अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद को सुगम बनाया। यह प्रशिक्षण की गुणवत्ता से समझौता किए बिना मितव्ययिता उपायों और व्यय युक्तिकरण पर परिषद के जोर के अनुरूप भी था।

Module-III Training Programme for Assistants (Batch-1) concludes at ICAR-IARI, New Delhi

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण श्री ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी, आईएएस, अपर सचिव (डेयर) एवं सचिव (भाकृअनुप) द्वारा “स्मार्टर एडमिनिस्ट्रेशन के लिए एआई” विषय पर दिया गया विशेष व्याख्यान था। व्याख्यान में प्रशासनिक दक्षता में सुधार और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन को बढ़ावा देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमता पर प्रकाश डाला गया।

डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप–आईएआरआई, नई दिल्ली, ने भी “संगठन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण” विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें टीमवर्क, आपसी सम्मान, प्रभावी संचार और रचनात्मक कार्यस्थल संस्कृति के महत्व पर जोर दिया गया।

व्यावहारिक अनुभव घटक के हिस्से के रूप में 8 अक्टूबर, 2026 को संस्थान की अनुसंधान सुविधाओं, अर्थात् नानाजी देशमुख प्लांट फेनोमिक्स सेंटर, संरक्षित खेती प्रौद्योगिकी केन्द्र (सीपीसीटी) और एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) का क्षेत्र भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरे ने प्रतिभागियों को संस्थान की अनुसंधान अवसंरचना, कृषि प्रौद्योगिकियों और कृषि प्रणालियों के नवोन्मेषी दृष्टिकोणों से परिचित कराया।

समापन दिवस पर सहयोगात्मक शिक्षण, ज्ञान साझा करने तथा प्रशिक्षण के दौरान शामिल अवधारणाओं के व्यावहारिक अनुप्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए समूह प्रस्तुति गतिविधि आयोजित की गई। इस गतिविधि ने प्रतिभागियों को टीमों में काम करने, अपनी समझ को व्यक्त करने और साथी प्रतिभागियों के साथ अपने सीखने के अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान किया।

समापन सत्र 16 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. शांति कुमार शर्मा, सहायक महानिदेशक (एचआरएम), भाकृअनुप, मुख्य अतिथि और डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप–आईएआरआई, नई दिल्ली, अध्यक्ष के रूप में उपस्थित थे। सत्र ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन को चिह्नित किया और कार्यक्रम के दौरान अर्जित ज्ञान और अनुभव पर विचार करने का अवसर प्रदान किया।

Module-III Training Programme for Assistants (Batch-1) concludes at ICAR-IARI, New Delhi

प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए प्रशिक्षण-पूर्व और प्रशिक्षण-पश्चात आकलन किए गए तथा विभिन्न चरणों में प्रतिभागियों से फीडबैक एकत्र किया गया। इन उपायों ने सीखने के परिणामों का मूल्यांकन करने और भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए मूल्यवान इनपुट प्रदान किए।

कार्यक्रम ने प्रतिभागी सहायकों की प्रशासनिक क्षमताओं को मजबूत करने, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद को बढ़ावा देने और भाकृअनुप संस्थानों में ज्ञान तथा सर्वोत्तम पद्धतियों के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया। प्रशिक्षण से बेहतर दक्षता, सुविचारित निर्णय लेने और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अधिक प्रभावी निर्वहन में योगदान मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों को उनके भावी व्यावसायिक प्रयासों के लिए धन्यवाद और शुभकामनाओं के साथ संपन्न हुआ। उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन और इस प्रकार भाकृअनुप प्रणाली के प्रभावी संचालन में योगदान देने के लिए।

(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)

×