भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजयपुरम एवं डीएसटी द्वारा निकोबारी जनजातीय चिकित्सकों की एथनो-वेटरनरी तैयारियों को उन्नत करने पर कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजयपुरम एवं डीएसटी द्वारा निकोबारी जनजातीय चिकित्सकों की एथनो-वेटरनरी तैयारियों को उन्नत करने पर कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन

16-20 अक्टूबर, 2026, श्री विजयपुरम

भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम ने डीएसटी की परियोजना- ‘एथनो-वेटरनरी जनजातीय औषधीय ज्ञान के वैज्ञानिक सत्यापन तथा हर्बल उत्पाद विकास के माध्यम से निकोबारी जनजातियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और स्वरोजगार को बढ़ावा देना’ के अंतर्गत निकोबारी जनजातीय चिकित्सकों के लिए "एथनो-वेटरनरी तैयारियों के उन्नत फॉर्मूलेशन" पर केंद्रित एक विशेष कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य सतत पशुधन स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए पारंपरिक ज्ञान के साथ वैज्ञानिक प्रगति को एकीकृत करके जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना है।

ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram & DST Organizes Skill Development Programme on Advancing Ethno-Veterinary Preparations of Nicobarese Tribal Healers

व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 से 20 अक्टूबर, 2026 तक कार निकोबार के विभिन्न जनजातीय गांवों में आयोजित किया गया, ताकि व्यापक कवरेज और स्थानीय चिकित्सकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण सत्रों के कार्यक्रम में संबंधित जनजातीय कैप्टनों की उपस्थिति में मलक्का, पेरका, तमालू, स्मॉल लापथी, बिग लापथी, किमियस, अरोंग सवाई, तपोइमिंग, किन्युका चुकचुचा, काकाना और मुस को शामिल किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सूजन, घाव तथा सांप के काटने जैसी विभिन्न बीमारियों के लिए पारंपरिक रूप से तैयार किए गए तेल को वैज्ञानिक रूप से सत्यापित मलहम में परिवर्तित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जनजातीय चिकित्सकों को आपातकालीन अवधि के दौरान औषधीय पौधों एवं मलहम को सुखाकर रखने के महत्व और लाभों के बारे में बताया गया।

जनजातीय युवाओं को भविष्य की पीढ़ियों के लिए पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और उसे बनाए रखने के लिए पुराने अनुभवी चिकित्सकों से एथनो-वेटरनरी फॉर्मूलेशन सीखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जनजातीय चिकित्सक इस तकनीक को सीखने के प्रति बहुत ग्रहणशील थे।

ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram & DST Organizes Skill Development Programme on Advancing Ethno-Veterinary Preparations of Nicobarese Tribal Healers

पारंपरिक चिकित्सकों सहित 200 जनजातीय पुरुषों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम की शानदार सफलता को चिह्नित किया। पूरी पहल को आईसीएआर-सीआईएआरआई के निदेशक डॉ. जय सुंदर के नेतृत्व और समग्र मार्गदर्शन में क्रियान्वित किया गया।

यह कार्यक्रम निकोबारी जनजाति की पारंपरिक पशु चिकित्सा पद्धतियों को उन्नत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अंततः सुदूर द्वीपों में पशुधन उत्पादकता और स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ाएगा।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम)

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