आत्मनिर्भर भारत में कृषि-उद्यमिता की भूमिका पर राष्ट्रीय वेबिनार का हुआ आयोजन

13 सितंबर 2020, लुधियाना

भा.कृ.अनु.प.-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, लुधियाना, पंजाब ने एग्रीविज़न के सहयोग से आज ‘आत्मनिर्भर भारत में कृषि-उद्यमिता की भूमिका' पर एक वेबिनार का आयोजन किया।

National Webinar on Role of Agri-Entrepreneurship in Atmanirbhar Bharat organized  National Webinar on Role of Agri-Entrepreneurship in Atmanirbhar Bharat organized

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्घाटन भाषण में किसानों के कल्याण के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं को रेखांकित किया। मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसान उत्पादक संगठन किसानों को उनकी उपज की कीमत का वसूली करने में मदद कर सकते हैं।

सम्मानित अतिथि, डॉ. अशोक कुमार सिंह, उप महानिदेशक, (कृषि विस्तार), भा.कृ.अनु.प. ने खाद्यान्न उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंजाब व हरियाणा द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि पंजाब को धान के कम-से-कम दस लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का, कपास, सब्जियों और फलों में विविधता लानी है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से स्वरोजगार और आय सृजन के लिए उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आग्रह किया।

डॉ. राजबीर सिंह, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-अटारी, लुधियाना, पंजाब ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि में उद्यमिता विकास आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कौशल विकास और आर्य को भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं के रूप में माना, जो ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बना सकते हैं। डॉ. सिंह ने एफपीओ के कार्यक्षेत्र पर प्रकाश डाला और सफल उद्यमियों के कुछ केस स्टडीज की गणना की।

श्री जी. एस. तोमर, राष्ट्रीय संयोजक, एग्रीविज़न ने आत्मनिर्भर भारत के लिए एग्रीविज़न की दृष्टि और मिशन पर प्रकाश डाला।

वेबीनार में प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों, भा.कृ.अनु.प. के वैज्ञानिकों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कृषि विज्ञान केंद्रों सहित लगभग 500 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भा.कृ.अनु.प.-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, लुधियाना, पंजाब)