"आदिवासियों का ज्ञान सशक्तिकरण" पर कार्यक्रम आयोजित

5 जनवरी, 2022, कोयंबटूर

भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर, तमिलनाडु ने अनामलाई टाइगर रिजर्व, तमिलनाडु के सहयोग से "आदिवासियों के ज्ञान सशक्तिकरण" पर एक अभियान का आयोजन किया और आज अपनी एसटीसी (अनुसूचित जनजाति घटक) परियोजना का भी शुभारंभ किया।

Campaign on “Knowledge Empowerment of Tribals” organized  Campaign on “Knowledge Empowerment of Tribals” organized

श्री एम.जी. गणेशन, उप निदेशक, अनामलाई टाइगर रिजर्व, तमिलनाडु ने अपने उद्घाटन संबोधन में अनामलाई टाइगर रिजर्व में एसटीसी परियोजना को लागू करने के संस्थान के निर्णय की सराहना की। श्री गणेशन ने कहा कि संस्थान ने रिजर्व में आदिवासियों के लिए उपयुक्त हस्तक्षेप की पहचान करने में अत्यधिक सावधानी बरती है।

डॉ. जी. हेमाप्रभा, निदेशक, भाकृअनुप-एसबीआई, कोयंबटूर ने आदिवासियों के लिए उपयुक्त हस्तक्षेपों की पहचान करने में भाकृअनुप-एसबीआई एसटीसी टीम के प्रयासों को रेखांकित करते हुए आदिवासी लाभार्थियों को सक्रिय रूप से भाग लेने और एसटीसी परियोजना का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आग्रह किया।

इस कार्यक्रम में भाकृअनुप-एसबीआई की एसटीसी टीम, जनजातीय ग्राम प्रधानों और तमिलनाडु वन विभाग, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय और आकाशवाणी के अधिकारियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर, तमिलनाडु)