जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

23 जून, 2022, इंफाल

पूर्वोत्तर पहाड़ी क्षेत्र के लिए भाकृअनुप-रिसर्च कॉम्प्लेक्स, मणिपुर केंद्र, इंफाल, मणिपुर ने आज यहां मणिपुर ऑर्गेनिक मिशन एजेंसी (MOMA), बागवानी और मृदा संरक्षण विभाग, मणिपुर सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

MoU signed for the Promotion of Organic Farming  MoU signed for the Promotion of Organic Farming

मुख्य अतिथि, श्री पी. वैफेई ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से खाद्यान्न की उपज में वृद्धि हुई है; लेकिन, दूसरी ओर, हम जो भोजन करते हैं उसमें रसायनों की उपस्थिति के कारण कई बीमारियां सामने आ रही हैं। उन्होंने बेहतर आय अर्जित करने और किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए राज्य में जैविक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सुश्री हनी चारा, निदेशक, बागवानी और मृदा संरक्षण विभाग, मणिपुर सरकार ने जोर देकर कहा कि समझौता ज्ञापन 2025 तक मणिपुर को एक जैविक राज्य में परिवर्तित करने में मदद करेगी।

श्री प्रमोद चौधरी, महासचिव, भारतीय कृषि-अर्थशास्त्र अनुसंधान केंद्र ने जोर देकर कहा कि समझौता ज्ञापन रासायनिक और विष मुक्त फसलों और सब्जियों के उत्पादन के लिए एक ऐतिहासिक कदम है जो मिट्टी एवं आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी बचाएगा।

श्री के. देबदत्त शर्मा, मिशन निदेशक, एमओएमए (मोमा) और एमआईडीएच, मणिपुर सरकार ने व्यक्त किया कि एनईएच क्षेत्र के लिए भाकृअनुप-रिसर्च कॉम्प्लेक्स के समर्थन से, मणिपुर केंद्र एमओवीसीडीएनइआर (MOVCDNER)  को लागू करने में पूरे पूर्वोत्तर में अग्रणी राज्य बन गया है।

डॉ. विनय कुमार मिश्रा, निदेशक, भाकृअनुप-एनईएच क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, उमियम, मेघालय ने कहा कि मणिपुर में कई अनूठी जीआई (GI) फसलें हैं, और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इन फसलों की निर्यात क्षमता का पता लगाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

डॉ. आई. मेघचंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप-एनईएच क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, मणिपुर केंद्र ने रेखांकित किया कि केंद्र, राज्य के कृषि-बागवानी और संबद्ध विभागों की सहायता और समर्थन कर रहा है और किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए सर्वोत्तम प्रयास कर रहा है।

(स्रोत: भाकृअनुप-पूर्वोत्तर पहाड़ी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, मणिपुर केंद्र, इंफाल, मणिपुर)