'पटसन रेशा की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि' पर क्षेत्रीय दिवस-सह-हितधारकों के बैठक का हुआ आयोजन

20 जुलाई, 2021, बैरकपुर

भाकृअनुप-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता ने आज एक ‘क्षेत्रीय दिवस-सह-हितधारकों के बैठक’ का आयोजन किया।

श्री ए. के. जॉली, प्रबंध निदेशक, भारतीय जूट निगम, कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार बतौर मुख्य अतिथि डॉ. डी. बी. शाक्यवार, निदेशक, भाकृअनुप-एनआईएनएफईटी और डॉ. मनबेंद्र रॉय, सदस्य आरएसी के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहे।

Field Day-cum-Stakeholders’ Meet on “Augmenting Productivity and Quality of Jute Fibre” organized  Field Day-cum-Stakeholders’ Meet on “Augmenting Productivity and Quality of Jute Fibre” organized

इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में डॉ. गौरंगा कर, निदेशक, भाकृअनुप-क्रिजफ, बैरकपुर ने खेती, प्रसंस्करण, निर्माण/उत्पादन, नीति-निर्माण से लेकर विपणन और निर्यात तक सभी हितधारकों के बीच जूट की नई खेती और कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी के बारे में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया।

इस अवसर के दौरान प्रतिभागियों को तीन नई उच्च उपज देने वाली जूट किस्मों - जेआरओबीए-3, जेआरओबीए-4 और जेआरओमयू-1 की वृद्धि का प्रदर्शन किया गया। 40 क्विंटल/हेक्टेयर से अधिक की उच्च उपज के अलावा इन किस्मों में कुछ विशेष लक्षण होते हैं, जैसे समय से पहले फूल प्रतिरोध और तना सड़न रोग प्रतिरोध।

Field Day-cum-Stakeholders’ Meet on “Augmenting Productivity and Quality of Jute Fibre” organized

किसानों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान के नव विकसित रेटिंग कॉम्प्लेक्स (वह स्थान जहाँ पटसन को सुखाया जाता है) में इन-सीटू रिटिंग टैंक और फ्री-फ्लोइंग रेटिंग वॉटर टैंक के विभिन्न मॉडलों का भी अवलोकन किया।

जूट से संबंधित सभी हितधारकों जैसे भारतीय पटसन निगम, राष्ट्रीय जूट बोर्ड, पटसन विकास निदेशालय के प्रतिनिधि; कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, भाकृअनुप-एनआईएनएफईटी, एफपीओ और प्रगतिशील किसानों ने क्षेत्रीय दिवस में भाग लिया।

(भाकृअनुप-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)