'पोषण संबंधी सुरक्षा: लिंग संवेदनशील कृषि पर चुनौतियाँ और अवसर’ पर राष्ट्रीय वेबिनार का हुआ आयोजन

25 मार्च, 2021, भुवनेश्वर

भाकृअनुप-केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा ने आज 'पोषण संबंधी सुरक्षा: लिंग संवेदनशील कृषि पर चुनौतियाँ और अवसर’ पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया।

वेबिनार का उद्देश्य और आय एवं पारिवारिक पोषण को बढ़ाने हेतु महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा नए हस्तक्षेपों और प्रौद्योगिकियों सहित प्रतिभागियों को लैंगिक संवेदनशील कृषि के बारे में जागरूकता पैदा करना था।  

डॉ. आर. सी. अग्रवाल, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अपनी उपस्थिति दर्ज की।

National Webinar on “Nutritional Security: Challenges & Opportunities on Gender Sensitive Agriculture” organized

सम्मानित अतिथि, डॉ. अर्चना मुखर्जी, पूर्व निदेशक, भाकृअनुप-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम ने लैंगिक संवेदनशील कृषि के लिए पोषण सुरक्षा, उत्पाद विविधीकरण और बहु-अनुशासनात्मक दृष्टिकोण अर्थात जीआईएस सेंसर आधारित उत्पादन प्रबंधन प्रणाली, एकीकृत कृषि प्रणाली, संतुलित पोषण के लिए नीतिगत सुधार, खपत और मूल्य-श्रृंखला प्रबंधन के महत्त्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. एस. के. श्रीवास्तव, निदेशक, भाकृअनुप-सिवा, भुवनेश्वर ने महिलाओं के लिए संतुलित पोषण आहार के महत्त्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक खाद्य पदार्थों और जैविक खेती के लाभों पर जोर दिया।

‘लैंगिक सशक्तिकरण के लिए पोषण संवेदनशील कृषि को बढ़ावा देने के अवसर, स्थिति और नीतियों’ पर अपने व्याख्यान में, डॉ. जतिंदर किश्तवारिया, पूर्व निदेशक, भाकृअनुप-सिवा, भुवनेश्वर और भाकृअनुप-अवकाश प्राप्त प्रोफेसर, सीएसकेएचपीकेवी, पालमपुर ने भारतीय महिलाओं के पोषण की स्थिति के वर्तमान परिदृश्य को रेखांकित किया। उन्होंने पोषण और लैंगिक संवेदनशील कृषि के बीच संबंध बनाने की रणनीतियों को भी रेखांकित किया।

वेबिनार में विभिन्न भाकृअनुप-संस्थानों एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, विद्वानों और छात्रों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों की कुल भागीदारी दर्ज की गई।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)