भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित फल अनुसंधान परियोजना की 7वीं सामूहिक चर्चा का हुआ आयोजन

16 - 19 जनवरी, 2020, लुधियाना

भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित फल अनुसंधान परियोजना ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में 16 से 19 जनवरी, 2020 तक '7वें सामूहिक चर्चा' का आयोजन किया।

डॉ. डब्ल्यू. एस. ढिल्लों, सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान- II), भाकृअनुप ने बतौर मुख्य अतिथि आयात करने, जो खेती की लागत बढ़ाता है के बजाय स्वदेशी रूटस्टॉक विकसित करने पर जोर दिया। डॉ. ढिल्लों ने गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के उत्पादन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने सभी उपयुक्त फलों की फसलों के लिए उच्च घनत्व वाले रोपण प्रणालियों को अपनाकर बागवानी फसलों से आय बढ़ाने  और खुदरा विक्रेता से लेकर उपभोक्ता तक फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने पर जोर दिया।

पद्म श्री डॉ. बी. एस. ढिल्लों, कुलपति, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना ने अपने अध्यक्षीय भाषण में फल वैज्ञानिकों, पादप प्रजनकों और यांत्रिक अभियंताओं से एक बहु-अनुशासनात्मक टीम के रूप में मिलकर काम करने का आग्रह किया ताकि फल फसल उत्पादन प्रणाली में बागवानी उपज, नर्सरी उत्पादन और मशीनीकरण की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।

डॉ. प्रकाश पाटिल, परियोजना समन्वयक, भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित फल अनुसंधान परियोजना ने 9 फलों की फसलों (आम, खट्टे, केला, अमरूद, लीची, अंगूर, पपीता, सपोता और कटहल) पर देश भर के प्रतिभागी केंद्रों में किए गए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की।

7th Group Discussion of ICAR-AICRP on Fruits 7th Group Discussion of ICAR-AICRP on Fruits

लीची कीट रोग और स्मार्ट प्रबंधन विकल्पों पर एक मोनोग्राफ और दो सीडी-रॉम - एमएलटी के तहत किस्मों/संकर के प्रमुख गुणों में से एक और आम परागणकों पर एक अन्य मोनोग्राफ उद्घाटन सत्र के दौरान जारी किए गए थे।

इस अवसर पर फलों पर भाकृअनुप-एआईसीआरपी के 7वें सामूहिक चर्चा के डाक टिकट के विमोचन समारोह को भी चिह्नित किया गया।

इस अवसर पर कन्नारा केंद्र को 'वर्ष - 2019 के लिए सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। लुधियाना केंद्र ने प्रौद्योगिकी विकास और हस्तांतरण को जोड़ने के लिए उत्कृष्टता का पुरस्कार जीता।

फसल सुधार, फसल उत्पादन और फसल संरक्षण के संबंध में वर्ष 2018 से 2019 के दौरान की गई विभिन्न अनुसंधान उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रौद्योगिकियों की सिफारिश के अतिरिक्त वर्ष 2020-21 के लिए अधिदेश फल फसलों पर अनुसंधान कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया था।

7th Group Discussion of ICAR-AICRP on Fruits

विचार-विमर्श के दौरान कई प्रौद्योगिकियों मसलन, अंगूर में रस की विविधता, केले के पैकेज के लिए मैक्रो-प्रचार, नागपुर मंडारिन और एसिड लाइम में चरणवार पोषक तत्त्वों के खुराक की सिफारिश की गई थी।

डॉ. एन. एस. बैंस, अनुसंधान निदेशक, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने इससे पहले प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

भाकृअनुप-संस्थानों के निदेशकों और भाकृअनुप-मुख्यालय के अधिकारियों ने सामूहिक चर्चा और विचार-विमर्श में भाग लिया।

इस विचार-विमर्श में देश भर के 50 विभिन्न केंद्रों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(स्रोत: परियोजना समन्वयक, भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित फल अनुसंधान परियोजना, भाकृअनुप-आईआईएचआर, बेंगलुरु)