भाकृअनुप-एआईसीआरपी (गन्ना) की 33वीं द्विवार्षिक कार्यशाला का हुआ आयोजन

19-20 अक्तूबर, 2020, लखनऊ

भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश ने 19 से 20 अक्तूबर, 2020 तक भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (गन्ना) की 33वीं द्विवार्षिक कार्यशाला का आयोजन किया।

33rd Biennial Workshop of ICAR-AICRP on Sugarcane organized  33rd Biennial Workshop of ICAR-AICRP on Sugarcane organized

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने अपने उद्घाटन संबोधन में देश में 25 मिलियन टन की घरेलू आवश्यकता के मुकाबले लगभग 33 मिलियन टन चीनी के अधिशेष उत्पादन के लिए गन्ना शोधकर्ताओं और अन्य संबद्ध हितधारकों के प्रयासों की सराहना की। डॉ. महापात्र ने केवल दो गन्ने की किस्मों, अर्थात सीओ 0238 और सीओ 86032 द्वारा 72 प्रतिशत क्षेत्र कवरेज पर भी अपनी आशंका व्यक्त की जो गंभीर अजैविक या जैविक तनाव की स्थिति में तबाही का कारण बन सकता है। उन्होंने प्रतिस्पर्द्धी वैश्विक बाजार में देश की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए गन्ना उत्पादन की लागत को कम करने पर काम करने का सुझाव दिया।

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भा.कृ.अनु.प. ने प्रजनन कार्यक्रम की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए जीनोटाइप्स के मार्कर असिस्टेड सेलेक्शन (एमएएस) के लिए सुझाव दिया। उन्होंने अधिक लाभप्रदता के लिए फसल के बाद मूल्य वर्धन का भी सुझाव दिया।

डॉ. ए. डी. पाठक, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएसआर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश और परियोजना समन्वयकों ने 2019-20 के दौरान आईसीएआर-एआईसीआरपी के अनुसंधान और देश में चीनी उत्पादन को बढ़ाने में विभिन्न/तकनीकी प्रगति के योगदान पर प्रकाश डाला।

डॉ. तिलक राज शर्मा की अध्यक्षता में वैरायटी आइडेंटिफिकेशन कमेटी ने प्रायद्वीपीय जोन (एमएस 13081-अर्ली ग्रुप) में रिलीज के लिए 7 किस्मों की पहचान की। वीसी 12121 और सीओ 13013-मिड-लेट ग्रुप), नॉर्थ वेस्ट जोन (सीओ 15023-अर्ली ग्रुप; इस अवसर के दौरान कॉपब 14185 और कोल्क 14204-मिड-लेट ग्रुप) और उत्तर मध्य और उत्तर पूर्वी क्षेत्र (सीओई 11453-मध्य-मध्य समूह) ।

डॉ. तिलक राज शर्मा की अध्यक्षता में वैरायटी आइडेंटिफिकेशन कमेटी ने इस दौरान प्रायद्वीपीय क्षेत्र (एमएस 13081-अर्ली ग्रुप; वीसी 12121 और सीओ 13013-मिड-लेट ग्रुप), उत्तर-पश्चिम क्षेत्र (सीओ 15023-अर्ली ग्रुप; कॉपब 14185 और कोल्क 14204-मिड-लेट ग्रुप), उत्तर मध्य और उत्तर पूर्वी क्षेत्र (सीओएसई 11453-मिड-लेट ग्रुप) में लोकार्पण के लिए 7 किस्मों की पहचान की।

इस कार्यशाला में भाकृअनुप-संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग 200 प्रतिनिधियों ने आभासी तौर पर भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश)