भाकृअनुप-एनआईएएनपी ने किया क्षेत्र विशिष्ट खनिज मिश्रण प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण

27 अगस्त, 2021, बेंगलुरु

सूक्ष्म/दीर्घ खनिजों की कमी और असंतुलन डेयरी पशुओं में कम प्रजनन दक्षता और स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार महत्त्वपूर्ण कारकों में से एक है। प्रमुख पोषक/स्थूल पोषक तत्त्वों की तुलना में कम मात्रा में आवश्यक, किसानों द्वारा आहार के मौजूदा पद्धति को प्रभावित किए बिना सूक्ष्म पोषक तत्त्वों को अधिक आसानी से पूरक बनाया जा सकता है।

ICAR-NIANP Commercializes Area Specific Mineral Mixture Technology

कर्नाटक के सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में खेत की परिस्थितियों के तहत बनाए गए मिट्टी, पानी, चारा एवं आहार और संकर डेयरी पशुओं के रक्त की स्थिति पर व्यापक अध्ययन करने के बाद भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु, कर्नाटक ने सबसे सीमित खनिजों को प्राथमिकता दी। जानकारी के आधार पर संस्थान ने चार विभिन्न क्षेत्रों के डेयरी पशुओं की बड़ी संख्या में क्षेत्र विशिष्ट खनिज मिश्रण (एएसएमएम) तैयार, परीक्षण और मान्य किया।

इस सफल तकनीक के प्रमाण के रूप में, लाइसेंस के 10 वर्षों के बाद फिर से मेसर्स नंदी एग्रोवेट, बेंगलुरु ने आज अपने समझौते का नवीनीकरण किया है।

डॉ. राघवेंद्र भट्ट, निदेशक, भाकृअनुप-एनआईएएनपी, बेंगलुरु और श्री सुंदर, मेसर्स नंदी एग्रोवेट, बेंगलुरु ने अपने संबंधित संगठनों की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर किए।

डॉ. सुधा मैसूर, सीईओ, एग्री इनोवेट भी इस अवसर पर मौजूद थीं।

इस प्रौद्योगिकी का पहली बार मेसर्स कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (दिसंबर, 2006) के साथ, उसके बाद मेसर्स नंदी एग्रोवेट, बेंगलुरु (अप्रैल, 2011), मेसर्स विजयरत्न इंडस्ट्रीज, चल्लकेरे (अक्टूबर, 2019) और मेसर्स वेट नीड्स लैब्स, बेंगलुरु (अप्रैल, 2021) के साथ व्यावसायीकरण किया गया था। राज्य दुग्ध संघ और पशुपालन विभाग के माध्यम से कर्नाटक के सभी जिलों में इसे व्यापक रूप से अपनाया जाता है। इसके अपनाने के पैटर्न और अर्जित लाभों को ध्यान में रखते हुए इस प्रौद्योगिकी का आर्थिक प्रभाव प्रति वर्ष करीब 400 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु, कर्नाटक)