भाकृअनुप-क्रिजफ के वैज्ञानिक को रॉयल एंटोमोलॉजिकल सोसायटी, यूके ने किया अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

जूट कीट प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए, डॉ. बी. एस. गोट्याल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, भाकृअनुप-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता को रॉयल एंटोमोलॉजिकल सोसायटी (शाही कीट विज्ञानी संस्था), लंदन, यूनाइटेड किंगडम द्वारा प्रतिष्ठित 'अर्ली करियर एंटोमोलॉजिस्ट अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र और £1250 जीबीपी पुरस्कार राशि दी गई है।

ICAR-CRIJAF’s Scientist Bags International Award from Royal Entomological Society, U.K.

कीट विज्ञान, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली से एम. एससी. और पी.एच-डी डिग्री धारक डॉ. गोट्याल पिछले 12 वर्षों से जूट में मेजबान संयंत्र प्रतिरोध (एचपीआर) पर कार्यरत थे।

डॉ. गोटयाल ने जूट कॉर्चरस एस्टुआन्स की जंगली प्रजातियों में बालों वाले इल्ली के खिलाफ प्रतिरोध के स्रोतों और तंत्र की सफलतापूर्वक पहचान करके बड़े पैमाने पर महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। एक प्रतिरोधी स्रोत के रूप में जूट जर्मप्लाज्म की पहचान सही मायने में खेती की गई जूट की किस्मों के साथ अपनी क्रॉस-क्षमता के कारण प्रतिरोधी किस्मों को विकसित करने में कॉर्चरस एस्टुआन्स (WCIN 179) के जंगली उपयोग की व्यावहारिक उपयोगिता को उजागर करती है।

उन्होंने पटसन एवं समवर्गीय रेशा कीटों पर वैज्ञानिक जानकारी के आसान और त्वरित प्रसार के लिए एक एंड्रॉइड-आधारित मोबाइल एप्प 'जेएएफ-सेफ' भी विकसित किया है। यह एप्प जूट उत्पादकों, छात्रों, विस्तार श्रमिकों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों के लिए उपयोगी है।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)