भाकृअनुप ने नाबार्ड के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर

13 दिसंबर, 2019, नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बोर्ड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

ICAR signs MoU with NABARD  ICAR signs MoU with NABARD

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) और श्री हर्ष कुमार भानवाला, अध्यक्ष, नाबार्ड ने अपने-अपने संबंधित संगठनों की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

डॉ. महापात्र ने नाबार्ड की मदद से युवा कृषि-उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर जोर देते हुए देश के किसानों की क्षमता निर्माण को भी आवश्यक बताया।

श्री भानवाला ने महिला किसानों के तकनीकी सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

समझौता ज्ञापन के अनुसार दोनों संगठन स्थायी कृषि और जलवायु अनुकूल कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट क्षेत्र में साझा हित पर काम करेंगे।

दोनों संगठन क्रियात्मक अनुसंधान (किसानों की सक्रिय भागीदारी के साथ किए गए अनुसंधान उनके द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों के समाधान प्रदान करने के लिए) और भाकृअनुप द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकियों और अभिनव किसान मॉडलों के अप-स्केलिंग को सुगम करते हुए सुविधा प्रदान करेंगे जिसमें वाटरशेड प्लेटफॉर्म पर दत्तक अनुसंधान के माध्यम से एक भागीदारी मॉडल में सफल जलवायु अनुकूल प्रथाओं, मॉडल, एकीकृत और उच्च तकनीक खेती प्रथाएँ शामिल हैं।

इस पहल से जलवायु अनुकूल कृषि, आकस्मिक और अनुकूलन योजना के तहत नाबार्ड प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के प्रचार और विकासात्मक कार्यक्रमों के तहत चैनल भागीदारों की क्षमता को मजबूती मिलेगी।

नाबार्ड से सहायता प्राप्त परियोजनाओं मसलन, जलवायु परिवर्तन परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने, कृषि मशीनीकरण, एग्री-इनक्यूबेशन सेंटर/एफपीओ और संसाधन संरक्षण आदि के प्रभाव मूल्यांकन में भी भाकृअनुप मदद करेगा।

यह समझौता ज्ञापन कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी सहित स्थायी कृषि, एकीकृत कृषि प्रणाली, फसल गहनता, कृषि-वानिकी, वृक्षारोपण और बागवानी, पशु विज्ञान, कृषि-इंजीनियरिंग, आदि के तहत प्रौद्योगिकियों के स्थान-विशिष्ट हस्तांतरण के लिए है। इसके अलावा भाकृअनुप अपने बड़े नेटवर्क के माध्यम से चैनल भागीदारों और नाबार्ड अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का सहयोग करेगा। 

श्री सुशील कुमार, अतिरिक्त सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं सचिव (भा.कृ.अनु.प.) ने भी इस अवसर पर अपनी बात रखी।  

इस दौरान दोनों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय, नई दिल्ली)