भाकृअनुप ने मनाया कृषि शिक्षा दिवस - 2021

कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग - 2021 जारी

दिसंबर  3, 2021, नई दिल्ली

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री ने कहा, "समर्पित भाव से कृषि शिक्षा को परिष्कृत करने से ही राष्ट्र समृद्धि की ओर अग्रसर होगा।" श्री चौधरी आज कृषि भवन, नई दिल्ली में  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित "कृषि शिक्षा दिवस - 2021" समारोह को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति - 2020 में कृषि शिक्षा और स्टार्ट-अप को आगे बढ़ाने पर अधिक जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी पसंद के विषयों को चुनने का अवसर दिया जाना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि कृषि शिक्षा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को, देश के विकास में, कृषि के विभिन्न पहलुओं और प्रासंगिकताओं से अवगत कराना और उन्हें कृषि क्षेत्र की ओर प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को कृषि की ओर आकर्षित करने से वे भविष्य में कृषि-उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

ICAR celebrates Agricultural Education Day - 2021  ICAR celebrates Agricultural Education Day - 2021

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों ने कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग - 2021 और व्यापक विषय क्षेत्र समिति की सिफारिशें भी जारी कीं।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (डेयर) और महानिदेशक (भाकृअनुप) ने 2017 से परिषद द्वारा कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की शुरुआत के बारे में जानकारी दी। महानिदेशक ने विश्वविद्यालयों में बेहतर पाठ्यक्रम को शामिल करने पर जोर दिया, जिससे छात्रों को सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। डॉ. महापात्र ने समृद्ध कृषि शिक्षा को देश के सफल कृषि क्षेत्र की रीढ़ माना।

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श्री संजय गर्ग, अतिरिक्त सचिव (डेयर) और सचिव (भाकृअनुप) ने आधुनिक कृषि शिक्षा को देश में सफल कृषि क्षेत्र का आधार माना। श्री गर्ग ने कार्यक्रम के दौरान मंत्री द्वारा जारी किये जा रहे 67 विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों में 79 पाठ्यक्रमों के उन्नयन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग, छात्रों को अपने करियर के लिए विश्वविद्यालयों का चयन करने में मदद करेगी।

डॉ. आर.सी. अग्रवाल, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 को 21वीं सदी की पहली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में माना जिसका उद्देश्य देश की बढ़ती विकासात्मक अनिवार्यताओं को संबोधित करना है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 21वीं सदी की शिक्षा के आकांक्षात्मक लक्ष्यों के अनुरूप एक नई प्रणाली बनाने के साथ साथ  इसके विनियमन और शासन सहित शिक्षा संरचना के सभी पहलुओं के सुधार का प्रस्ताव पेश करती है।

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विज्ञान के विभिन्न विषयों में प्रवेश के लिए आभासी परामर्श की शुरूआत और कृषि एवं उससे संबद्ध यूजी, पीजी और पीएचडी के लिए परिषद द्वारा डिग्री कार्यक्रम के बारे में  डीडीजी द्वारा शैक्षणिक सत्र - 2017-18 पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने परिषद के शिक्षा प्रभाग द्वारा संचालित कई योजनाओं की रूपरेखा के बारे में चर्चा किया तथा उच्च कृषि शिक्षा के लिए छात्रों को आकर्षित करने और कृषि और संबद्ध विज्ञान विषयों के अत्याधुनिक क्षेत्रों में शिक्षकों के शिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण में शैक्षिक उत्कृष्टता प्राप्त करने पर जोर दिया।

राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपमहानिदेशक, सहायक महानिदेशक, भाकृअनुप मुख्यालय और भाकृअनुप संस्थानों के निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

परिषद ने भारत के पहले राष्ट्रपति और केंद्रीय कृषि मंत्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती मनाने के लिए 2016 में 3 दिसंबर को "कृषि शिक्षा दिवस" ​​​​के रूप में घोषित किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय, नई दिल्ली)