'भाकृअनुप-परिशुद्धता कृषि नेटवर्क कार्यक्रम (भाकृअनुप-एनईपीपीए)' का हुआ शुभारंभ

8 सितंबर, 2021, नई दिल्ली

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने आज आभासी तौर पर 'भाकृअनुप-परिशुद्धता कृषि नेटवर्क कार्यक्रम (भाकृअनुप-एनईपीपीए)' का शुभारंभ किया।

अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. महापात्र ने प्रतिबद्ध गतिविधियों के सक्रिय और समय पर वितरण के लिए आग्रह किया। उन्होंने किसानों के क्षेत्र में बाधाओं की बेहतर समझ विकसित करने पर भी जोर दिया। महानिदेशक ने कहा कि आईसीएआर डेटा सेंटर (भाकृअनुप-आँकड़ा केंद्र) का उपयोग आँकड़े संग्रहण और आँकड़े विश्लेषण के लिए कृषक समुदाय को ज्ञान हस्तांतरण के लिए किया जाएगा।

“ICAR-Network Programme on Precision Agriculture (ICAR-NePPA)” launched

डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और कृषि अभियांत्रिकी), भाकृअनुप और अध्यक्ष, कार्यक्रम संचालन समिति ने सटीक पशुधन खेती और सटीक जलीय कृषि सहित बेहतर खेतों के लिए फसल के प्रमुख अवसरों पर प्रकाश डाला।

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने कार्यक्रम के राष्ट्रीय महत्त्व पर जोर दिया। डीडीजी ने कहा कि कार्यक्रम में निगरानी और प्रभावी वितरण के लिए मात्रात्मक संकेतक होने चाहिए।

डॉ. अनिल राय, अतिरिक्त महानिदेशक (आईसीटी), भाकृअनुप ने कार्यक्रम की संकल्पना, निगरानी की संरचना और मूल्यांकन प्रणाली के बारे में जानकारी दी।

इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में डॉ. अशोक कुमार सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने देश में इस तरह के अनुसंधान कार्यक्रम की समयबद्ध पहल पर जोर दिया।

इस कार्यक्रम में भाकृअनुप-मुख्यालय और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आभासी तौर पर भाग लिया।

नेटवर्क कार्यक्रम में भाकृअनुप-आईएआरआई के नेतृत्व में 16 भागीदार संस्थान (7 एसएमडी शामिल हैं) शामिल हैं।

भारतीय कृषि में चुनौतियों और प्रौद्योगिकियों, डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और हाल की सरकारी पहलों की प्रगति को ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम को कृषि-लाभप्रद उद्यम बनाने के लिए सुरक्षित पर्यावरण और गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ निरंतर संवर्धित इनपुट उपयोग और उत्पादन प्रणाली के लिए सटीक एजी-टेक विकसित करने हेतु अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया है।

(स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली)