भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान ने अपना 98वाँ स्थापना दिवस आभासी तौर पर मनाया

01 जुलाई, 2020, करनाल

ICAR-NDRI virtually celebrates its 98th Foundation Day

भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा ने आभासी तौर पर आज अपना 98वाँ स्थापना दिवस मनाया। सम्मानित अतिथि, डॉ. बी. एन. त्रिपाठी, उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), भाकृअनुप ने आशा व्यक्त की कि संस्थान देश में डेयरी क्षेत्र की प्रगति में योगदान देना जारी रखेगा। डॉ. त्रिपाठी ने भाकृअनुप-एनडीआरआई, बेंगलुरु के दक्षिणी क्षेत्रीय स्टेशन (एसआरएस) के योगदान को याद किया।

स्थापना दिवस व्याख्यान में ‘भारत में पशुधन क्षेत्र के विशेष संदर्भ के साथ कृषि क्षेत्र में नवाचारों के प्रतिमान को बदलने के लिए इनक्यूबेटरों के योगदान’ विषय पर बोलते हुए श्री आर. रामनन, अतिरिक्त सचिव, भारत सरकार और मिशन निदेशक, अटल नवाचार मिशन, नीति अयोग, नई दिल्ली ने उम्मीद जताई कि एसआरएस-एनडीआरआई, बेंगलुरु अपने परिसर में जल्द-से-जल्द एक विश्वस्तरीय अटल इन्क्यूबेशन केंद्र स्थापित करेगा।

डॉ. एम. एस. चौहान, कुलपति और निदेशक, भाकृअनुप-एनडीआरआई, करनाल ने वर्तमान संकट की स्थिति में डेयरी किसानों की बेहतरी की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी पर जोर दिया।

इससे पहले अपने स्वागत भाषण में, डॉ. के. पी. रमेशा, प्रमुख, भाकृअनुप-एनडीआरआई, बेंगलुरु, एसआरएस ने 1923 में अपनी स्थापना के बाद से देश के डेयरी क्षेत्र में संस्थान के योगदान को रेखांकित किया। डॉ. रमेशा ने महात्मा गांधी और डॉ. वी. कुरियन जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ संस्थान के जुड़ाव पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. आर. आर. बी. सिंह, संयुक्त निदेशक (शैक्षिक), भाकृअनुप-एनडीआरआई, करनाल ने डेयरी अनुसंधान और शिक्षा में भाकृअनुप-एनडीआरआई की उपलब्धियों और योगदान को रेखांकित किया।

वेबिनार में भाकृअनुप-संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा)