भाकृअनुप-सिवा, भुवनेश्वर ने मनाया "विश्व खाद्य दिवस – 2020”

16 अक्तूबर, 2020, भुवनेश्वर

ICAR-CIWA, Bhubaneswar celebrates “World Food Day - 2020”

भाकृअनुप-केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा ने ‘उगाओ, पोषण करो, निर्वाह करो। एक साथ हमारे कार्य हमारे भविष्य हैं’ विषय पर आज “विश्व खाद्य दिवस” मनाया।

डॉ. पी. एस. पांडे, अतिरिक्त महानिदेशक (ईपी और एचएस), भाकृअनुप ने बतौर मुख्य अतिथि परिवार की खाद्य और पोषण सुरक्षा को बनाए रखने के लिए महिला किसानों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर भारत तथा मूल्य श्रृंखलाओं की स्थापना और किसान की आय को दोगुना करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कृषि में महिलाओं के सशक्तिकरण, आदानों, प्रौद्योगिकियों और सेवाओं तक उनकी पहुँच में सुधार, देश के वर्तमान कृषि उत्पादन परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने सामान्य तौर पर भारत और विशेष रूप से भाकृअनुप के महत्त्वपूर्ण योगदानों पर भी प्रकाश डाला, जिनकी पद्धतियाँ विश्व स्तर पर एफएओ कार्यक्रमों में प्रमुख भूमिका निभाती हैं, जिसमें माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुभ दिन पर जारी 17 जैव-संवर्द्धन किस्मों और 75 रुपए के स्मारक सिक्के को जारी करने पर विशेष जोर दिया गया है।

संस्थान के पूर्व निदेशकों - डॉ. कृष्ण श्रीनाथ, डॉ. नीलम ग्रेवाल और डॉ. जतिंदर किश्तवरिया - ने भी अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

डॉ. एस. के. श्रीवास्तव, निदेशक, भाकृअनुप-सिवा ने अपने संबोधन में महिला किसानों को पोषण सशक्तिकरण के लिए तकनीकों का प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। उन्होंने कुपोषण उन्मूलन पर केंद्रित ज्ञान और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों पर जोर दिया।

लगभग 5 प्रगतिशील कृषि महिलाएँ और महिला किसान उत्पादक संगठनों के नेता - श्रीमती भगवती गडाबा, एम डी चित्रिदोरा एफपीसी, कोरापुट; सुश्री पिनाकी परिमिता, अस्तारंगा, पुरी; श्रीमती गौरीप्रिया महापात्र, नीमपाड़ा, पुरी; श्रीमती कनकलता पंडा, सखिगोपाल, पुरी और श्रीमती अनसूया बेउरा, पदासाही, खोरधा ने भी आभासी कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव साझा किए।

संस्थान के वैज्ञानिकों और कर्मचारी-सदस्यों ने भी कार्यक्रम में आभासी तौर पर भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)