भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि में उत्‍कृष्‍टता के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार -2020

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारत सरकार, नई दिल्‍ली के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि में  उत्‍कृष्‍टता के लिए निम्‍नलिखित राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार की घोषणा की जाती है।

1.कृषि संस्‍थानों की उत्‍कृष्‍टता के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार :

1.1 सरदार पटेल उत्‍कृष्‍ट भाकृअप संस्‍थान पुरस्‍कार 2020: भाकृअनुप संस्‍थानों, भाकृअनुप के मानद विश्‍वविद्यालयों, केंद्रीय कृषि विश्‍वविद्यालयों तथा राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालयों के उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन को मान्‍यता प्रदान करने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा तीन वार्षिक पुरस्कार (रू. 10.00 लाख की नकद पुरस्‍कार राशि, प्रशस्ति पत्र तथा शील्ड (shield) प्रति पुरस्कार) सृजित किये गये हैं। इनमें से दो पुरस्‍कार भाकृअप के दो संस्‍थानों/एनआरसी/परियोजना निदेशालयों/राष्‍ट्रीय ब्‍यूरो (एक बड़े और एक छोटे संस्‍थान) तथा एक राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालय/मानद विश्‍वविद्यालय/केंद्रीय कृषि विश्‍वविद्यालयों को दिये जायेंगे। सभी आवेदन निर्धारित प्रपत्र में प्रस्‍तुत किए जाने चाहिए, विधिवत रूप से अधिप्रमाणित किए जाने चाहिए तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा अग्र‍ेषित किए जाने चाहिए। संस्थान/ विश्वविद्यालय द्वारा अर्जित उपलब्धियों से सम्बंधित उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाण के साथ निदेशक/कुलपति द्वारा स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-1)

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1.2 चौ. देवी लाल उत्‍कृष्‍ट अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना पुरस्‍कार, 2020: एआईसीआरपी तथा इसके सहयोगी केंद्रों के उत्‍कृष्‍ट  अनुसंधान एवम विकास कार्य को मान्‍यता देने एवम उनके उत्‍कृष्‍ट  योगदान को प्रोत्‍साहन देने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा एक वार्षिक पुरस्कार सृजित किया गया है। चयनित एआईसीआरपी को रू. 3.00 लाख का एक वार्षिक पुरस्‍कार नकद (मुख्‍य  सहयोगी इकाई के लिए रू. 2.00 लाख और उत्‍कृष्‍ट समन्‍वयक इकाई के लिए रू. 1.00 लाख), प्रशस्ति पत्र तथा शील्ड (shield) दिया जाना हैं। इस पुरस्‍कार के लिए ऐसी सभी एआईसीआरपी आवेदन कर सकती हैं, जो कम से कम 10 वर्षों से कार्यरत हैं। अग्रेषित करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा, एआईसीआरपी द्वारा प्राप्‍त की गई सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण उपलब्धियों के संबध में स्‍पष्‍ट सिफारिश की जानी अपेक्शित है। परियोजना द्वारा अर्जित उपलब्धियों से सम्बंधित उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाण के साथ परियोजना समन्‍वयकों को स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)।

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1.3 पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय कृषि विज्ञान प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार 2020: यह पुरस्‍कार कृषि में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के लिए क्षेत्रीय एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के बीच स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा को बढ़ाने हेतु के साथ तीन वार्षिक पुरस्कार सृजित किये गहे हैं। देशभर के समस्त कृषि विज्ञान केंद्र इन पुरस्‍कारों के लिए आवेदन प्रस्‍तुत करने के पात्र हैं। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर इस प्रतियोगिता के लिए नकद राशि (प्रथम-रू.10.00 लाख, द्वीतीय-रू. 8.00 लाख, तृतीय-रू. 7.00 लाख) के अतिरिक्त, प्रमाण पत्र, प्रशस्तिपत्र तथा शील्ड (shield) दिये जयेंगे। आवेदन/नामांकन निर्दिष्‍ट नामांकन प्राधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र में संबंधित केवीके द्वारा दिए गए विशिष्‍ट एवं सर्वाधिक उल्‍लेखनीय योगदान को उल्लेखित करते हुए अग्र‍ेषित किए जाने चाहिए। केवीके समन्‍वयक द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा की अर्जित की गई प्रमुख् उपलब्धियों के उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाण के साथ स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)।

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2: कृषि अनुसंधान में उत्‍कृष्‍टता के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार

2.1 भाकृअप नार्मन बोरलॉग पुरस्‍कार: भाकृअप-नार्मन बोरलॉग पुरस्‍कार देश में कृषि क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट सफलता अर्जित करने वाले वैज्ञानिको, कृषि क्षेत्र में भावी संभावना युक्त मौलिक शोध एवम उपलब्धियों को मान्‍यता प्रदान करने के लिए दिया जाता है। यह पुरस्‍कार पॉच वर्षों मे एक बार दिया जाना है। कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों के किसी संकाय में कार्यरत सभी भारतीय वैज्ञानिक नामांकन हेतु पात्र है। वैज्ञानिक का राष्‍ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली से ही संबंधित होना आवश्‍यक नहीं है। पुरस्‍कार के लिए नामांकन निर्धारित प्रपत्र में प्रस्‍तुत किया जाना चाहिए। पुरस्‍कार में नकद राशि रू. 10 लाख के साथ प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। इसके अतिरिक्‍त चयनित वैज्ञानिकों को उनके द्वारा प्रस्तुत एवम भाकृअप द्वारा स्वीकृत/निर्दिष्‍ट लक्ष्‍यपरक अनुसंधान परियोजना, जिसका उद्देश्‍य एवं लक्ष्‍य पूर्व निर्धारित होगा, पर मौलिक अनुसंधान हेतु, प्रति वर्ष रू. 30 लाख का अनुसंधान अनुदान भी दिया जाएगा। यह अनुसंधान अनुदान वार्षिक समीक्षा और परियोजना के लिए गठित विशेषज्ञ की समिति द्वारा अनुकूल सिफारिश पर अधिकतम पांच वर्षों के लिए स्‍वीकार्य होगा। नामांकन सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित वैज्ञानिक द्वारा दिए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदान पर अपनी स्‍पष्‍ट टिप्‍पणी के साथ विधिवत रूप से अधिप्रमाणित किए जाने चाहिए। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट वैज्ञानिकों द्वारा उत्‍कृष्‍ट मौलिक शोध एवम उपलब्धियों से सम्बंधित दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी।

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2.2 कृषि विज्ञानों में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान के लिए रफी अहमद किदवई पुरस्‍कार, 2020: कृषि और संबद्ध विज्ञानों में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान के लिए सम्‍मान प्रदान करने तथा कृषि अनुसंधान में उत्‍कृष्‍टता को प्रोत्‍साहित करने के लिए यह पुरस्‍कार कृषि वैज्ञानिकों को विनिर्दिष्‍ट  क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए दिया जाता है। इस पुरस्‍कार योजना के तहत वार्षिक आधार पर कुल चार पुरस्‍कार, व्‍यापक विषय प्रभागों की श्रेणियों में (प्रत्येक के लिए एक) नामत: फसल एवं बागवानी विज्ञान, पशु एवं मात्स्यिकी विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि अभियांत्रिकी और सामाजिक विज्ञान में प्रदान किए जाते हैं। प्रत्‍येक पुरस्‍कार हेतु रू. 5.00 लाख नकद के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। इन पुरस्‍कारों के लिए कृषि अनुसंधान में लगे सभी भारतीय वैज्ञानिक और भारतीय कृषि से संबंधित क्षेत्रों में विदेश में कार्य करने वाले सभी भारतीय वैज्ञानिक पात्र हैं। सभी आवेदन/नामांकन  निर्धारित प्रपत्र में प्रस्‍तुत किए जाने चाहिए, विधिवत रूप से अधिप्रमाणित किए जाने चाहिए और सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित वैज्ञानिक द्वारा दिए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदान पर अपनी स्‍पष्‍ट टिप्‍पणी के साथ अग्रेषित किए जाने चाहिए। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट वैज्ञानिकों द्वारा उत्‍कृष्‍ट मौलिक शोध एवम उपलब्धियों से सम्बंधित दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-1)

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2.3: लाल बहादुर शास्‍त्री उत्‍कृष्‍ट युवा वैज्ञानिक पुरस्‍कार, 2020: लाल बहादुर शास्‍त्री उत्‍कृष्‍ट  युवा वैज्ञानिक पुरस्‍कार प्रतिभावान युवा वैज्ञानिकों को उनके असाधारण मौलिक अनुसंधान एवम योगदान को सम्‍मानित करने के लिए दिया जाता है। इस पुरस्‍कार के अंतर्गत प्रतिवर्ष 4 प्रमुख श्रेणियो में कुल 4 पुरस्‍कार, अर्थात् फसल एवं बागवानी विज्ञान (1), पशु एवं मत्‍स्‍य विज्ञान (1), एनआरएम एवं कृषि अभियांत्रिकी (1) और समाज विज्ञान (1) दिये जायेंगे। व्‍यक्तिगत पुरस्‍कार रा‍शि के रूप में रू. 1.00 लाख नकद के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। साथ ही रू. 10.00 लाख प्रतिवर्ष के बजट प्रावधान के साथ तीन वर्षीय एक चैलेंज परियोजना+विदेश में 3 माह तक के प्रशिक्षण हेतु रू. 5.00 लाख का भी प्रावधान है। चैलेंज परियोजना और विदेश प्रशिक्षण का संचालन संबंधित विषयवस्‍तु प्रभाग के दिशानिर्देश से किया जायेगा। ऐसे सभी युवा वैज्ञानिक इस पुरस्कार हेतु पात्र हैं जो (01 जनवरी, 2020 को) 40 वर्ष से कम आयु के हैं, जिनके पास डॉक्‍टरेट की डिग्री है, जो आई.सी.ए.आर./एस.ए.यू. प्रणाली में नियमित आधार पर शिक्षण/अनुसंधान/प्रसार कार्य में संलग्न हैं एवम जो कम से कम लगातार पांच वर्ष से कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में अनुसंधान रत हैं। पुरस्कार हेतु आवेदन/नामांकन निर्दिष्‍ट प्राधिकारी द्वारा संबंधित वैज्ञानिक द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए स्‍पष्‍ट अनुशंसा के साथ भेजा जाना चाहिये। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट  युवा वैज्ञानिकों द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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2.4: पंजाबराव देशमुख उत्‍कृष्‍ट महिला वैज्ञानिक पुरस्‍कार 2020: यह वार्षिक पुरस्कार कृषि अनुसंधान के किसी कोर क्षेत्र में भारतीय महिला वैज्ञानिको के उत्‍कृष्‍ट योगदान को मान्‍यता प्रदान करने हेतु दिया जाता है। भा.कृ.अ.प./एन.ए.आर.एस. के अन्‍दर या बाहर के मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍थान में कृषि और संबद्ध विषय में अनुसंधान/प्रसार में कार्यरत सभी महिला वैज्ञानिक इस पुरस्‍कार के लिये पात्र हैं। इस पुरस्‍कार में रू. 1.00 लाख की नकद राशि के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। पुरस्कार हेतु आवेदन/नामांकन निर्दिष्‍ट प्राधिकारी द्वारा संबंधित महिला वैज्ञानिक द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए स्‍पष्‍ट अनुशंसा के साथ भेजा जाना चाहिये। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट  महिला वैज्ञानिकों द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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2.5: कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में स्‍नातकोत्‍तर उत्‍कृष्‍ट डॉक्‍टोरल थीसिस अनुसंधान के लिए जवाहरलाल नेहरू पुरस्‍कार 2020: कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों के प्राथमिकता/अग्रणी क्षेत्रों में उच्‍च गुणवत्‍तायुक्‍त डॉक्‍टोरल थीसिस अनुसंधान को बढावा देने के लिए कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में स्‍नातकोत्‍तर उत्‍कृष्‍ट डॉक्‍टोरल थीसिस (शोध प्रबंध) अनुसंधान के लिए जवाहरलाल नेहरू पुरस्‍कार दिया जाता है। यह पुरस्‍कार कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उत्‍कृष्‍ट मूल डॉक्‍टोरल अनुसंधान कार्य हेतु जिसमें प्रत्‍येक के लिए रू. 50,000 नकद, प्रशस्ति पत्र एवं गोल्ड मेडल साथ 4 पुरस्‍कार (फसल/बागवानी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन/कृषि अभियांत्रिकी, पशु/मात्स्यिकी विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान से) वार्षिक रूप से दिए जाने का प्रावधान  है। यह पुरस्‍कार भारतीय विश्‍वविद्यालयों से कृषि विज्ञानों से संबंधित डॉक्‍टोरल थीसिस के लिए दिया जाता है। इस पुरस्‍कार के लिए पीएच.डी डिग्री/अनंतिम डिग्री पुरस्‍कार दिए जाने वाले वर्ष से पिछले वर्ष अर्थात् वर्ष 2019 के अन्‍दर जारी की गई हो। इस पुरस्‍कार के लिए एक थीसिस पर केवल एक ही बार विचार किया जाएगा। अभ्‍यर्थी के पास पीएच.डी थीसिस के लिए उसके द्वारा किए गए अनुसंधान कार्य से कम से कम 2 शोधपत्र 6 अथवा अधिक की नास रेटिंग वाले प्रमुख अनुसंधान पत्र/ पत्रिकाओ (जर्नल) में उसके प्रकाशन अथवा स्‍वीकृति का प्रमाण उपलब्‍ध होना चाहिए। सभी आवेदन डॉक्‍टोरल थीसिस की प्रतिलिपि के साथ निर्धारित प्रपत्र में प्रस्‍तुत किए जाने चाहिए, विधिवत रूप से अधिप्रमाणित किए जाने चाहिए और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अग्रेषित किए जाने चाहिए। पुरस्कार हेतु आवेदन/नामांकन निर्दिष्‍ट प्राधिकारी द्वारा संबंधित शोध वैज्ञानिक द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए स्‍पष्‍ट अनुशंसा के साथ भेजा जाना चाहिये। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट शोधकर्ताओं द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन की भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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3. कृषि प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार 2020

3.1 कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उत्‍कृष्‍ट अंतर-विषयक समूह अनुसंधान के लिए नानाजी देशमुख भाकृअप पुरस्‍कार 2020: कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उत्‍कृष्‍ट अंतर-विषयक अनुसंधान को मान्‍यता प्रदान करने एवम अंतर-विषयक अनुसंधान में रत वैज्ञानिको को प्रोत्‍साहन देने हेतु  भाकृअप द्वारा नानाजी देशमुख पुरस्‍कार की स्‍थापना की गयी है। यह वार्षिक पुरस्‍कार कृषि विज्ञान से सम्बधित सभी विषयों में उत्‍कृष्‍ट अंतर-विषयक अनुसंधान के लिए दिया जाता है।  भारत में कृषि एवं संबद्ध विशिष्‍ट विषयों में अंतर-विषयक समूह अनुसंधान में कार्यरत सभी कृषि वैज्ञानिक इसके पात्र हैं। समूह में कम से कम तीन भिन्न मान्‍यता प्राप्‍त विषयों के वैज्ञानिक/तकनीकी अधिकारी अवश्य शामिल होने चहिये। यह टीम कृषि सम्बंधी किसी समस्‍या विशेष के समाधान हेतु स्‍वाभाविक रूप से अंतर विषयक समाधानपरक अनुसंधान परियोजना में कार्यरत हो। भा.कृ.अ.प./एन.ए.आर.एस. में कार्यरत वैज्ञानिक अथवा बाहर के भी मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍थान में कृषि और संबद्ध विषय में अनुसंधान/प्रसार में कार्यरत सभी वैज्ञानिक इस पुरस्‍कार के लिये पात्र हैं। पुरस्‍कार के रूप में नकद राशि रू. 5.00 लाख की नकद राशि के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। आवेदनों को अनिवार्य रूप से अनुशंसित प्रारूप में जमा किया जाना चाहिए और इन पर सक्षम अग्रेषण प्राधिकारी द्वारा संबंधित वैज्ञानिकों के दल द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदानों की स्‍पष्‍ट रूप से अनुशंसा की जानी चाहिए। उत्‍कृष्‍ट वैज्ञानिकदल के नेतृत्‍वकर्ता द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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3.2 जनजातीय कृषि प्रणाली में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान के लिए फखरूद्दीन अली अहमद पुरस्‍कार 2020: यह वार्षिक पुरस्‍कार मुख्‍य रूप से किसी भी ऐसे व्‍यक्ति या 2-3 वैज्ञानिको की टीम को दिया जाता है; जो कि देश के जनजातीय क्षेत्रों में अनुसंधान और अनुप्रयोगों के सम्बंधित कार्यो से जुडे हैं जिनका उद्देश्‍य जनजातीय कृषि प्रणाली से प्रत्‍यक्ष रूप से लागू मूल कार्य या जैविक संसाधनों और आजीविका में सुधार लाना है। इस पुरस्‍कार के अंतर्गत रू. 1.00 लाख नकद राशि के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। साथ ही पुरस्कार विजेता द्वारा संबंधित भौगोलिक क्षेत्र में एक वर्ष की अवधि के अनुसंधान/अध्‍ययन हेतु भी समान राशि का प्रावधान है। आवेदन अनिवार्य रूप से अनुशंसित प्रारूप में जमा किये जाने चाहिए एवम आवेदन/ नामांकन सक्षम अग्रेषण प्राधिकारी द्वारा वैज्ञानिक/वैज्ञानिकों के दल द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदानों को रेखांकित करते हुए सुस्‍पष्‍ट अनुशंसा के साथ ही भेजे जाने चहिये। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट वैज्ञानिक/ वैज्ञानिकदल के नेतृत्‍वकर्ता द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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3.3 स्‍वामी सहजानंद सरस्‍वती उत्‍कृष्‍ट विस्‍तार वैज्ञानिक पुरस्‍कार 2020: यह पुरस्‍कार कृषि विस्‍तार पद्धति और शिक्षा कार्य में उत्‍कृष्‍टता के लिए व्‍यक्तिगत विस्‍तार वैज्ञानिक/ अध्‍यापक को प्रदान किया जाता है पुरस्‍कार हेतु रू. 1.00 लाख नकद राशि के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। कृषि और संबद्ध विज्ञानों के सभी विषयों को शामिल करते हुए एकवार्षिक पुरस्‍कार निर्धारित किया गया है। आवेदन अनिवार्य रूप से अनुशंसित प्रारूप में जमा किए जाने चाहिए और इन्है सक्षम अग्रेषण/नामांकन प्राधिकारी द्वारा संबंधित वैज्ञानिक द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदानों पर स्‍पष्‍ट  अनुशंसा के साथ भेजा जाना चाहिए। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍टविस्‍तार वैज्ञानिक द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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3.4 शुष्‍क भूमि कृषि प्रणाली में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान अनुप्रयोग के लिए वसंतराव नायक पुरस्‍कार 2020: शुष्‍क भूमि कृषि प्रणाली और जल संरक्षण में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान और अनुप्रयोग को बढ़ावा देने हेतु शुष्‍क भूमि कृषि प्रणाली में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान अनुप्रयोग के लिए वसंतराव नायक पुरस्‍कार की स्थापना की गयी है। इस वार्षिक पुरस्कार के अंतर्गत किसी एक उत्‍कृष्‍ट वैज्ञानिक या विस्‍तार कार्यकर्ता को पुरस्‍कार दिये जाने का प्रावधान है। पुरस्कार हेतु रू. 1.00 लाख का नकद राशि के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है। इस पुरस्‍कार के लिए वे सभी कृषि एवं उससे संबद्ध क्षेत्रों के वैज्ञानिक पात्र हैं जो भारत में शुष्‍क खेती भूमि में अनुसंधान/ प्रौद्योगिकी कार्यों से जुड़े हैं। इस पुरस्‍कार के लिए वैज्ञानिकों की छोटी अंतर-विषयक टीम, जिसमें अधिकतम 6 वैज्ञानिक हो सकते हैं, भी आवेदन कर सकते है। सभी आवेदन निर्धारित प्रपत्र में प्रस्‍तुत किए जाने चाहिए, विधिवत रूप से अधिप्रमाणित किए जाने चाहिए और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अग्रेषित किए जाने चाहिए। अग्रेषण करने वाले प्राधिकारी, संबंधित वैज्ञानिक/टीम द्वारा किए गए सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण योगदानों को रेखांकित करते हुए सुस्‍पष्‍ट अनुशंसा संलग्‍न की जानी चाहिये। इसके अतिरिक्‍त, उत्‍कृष्‍ट वैज्ञानिक/ वैज्ञानिकदल के नेतृत्‍वकर्ता द्वारा उपयुक्‍त दस्‍तावेजी प्रमाणों के साथ स्‍व-नामांकन भी अनुमति होगी। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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4. किसानों द्वारा नवोन्‍मेष एवं प्रौद्योगिकी विकास के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार 2020

4.1 जगजीवनराम अभिनव किसान पुरस्‍कार/ जगजीवनराम नवप्रर्वतक किसान पुरस्‍कार 2020: उन्‍नत प्रौद्योगिकियों और सस्‍य क्रिया पद्धतियों के विकास, अंगीकरण, उन्‍नयन और प्रसार में नवप्रर्वतक किसानों द्वारा सतत रूप से आय बढ़ाने हेतु दिए गए उत्‍कृष्‍ट योगदानों को मान्‍यता देने हेतु राष्‍ट्रीय स्‍तर पर किसानों को उनकी उपलब्धियों को बढ़ावा देने के लिए राष्‍ट्रीय स्तर पर 3 वार्षिक पुरस्कारो की स्थापना की गयी है। पुरस्कार में रू. 1.00 लाख का नकद राशि के साथ, प्रशस्ति पत्र तथा मेमेंटो का भी प्रावधान है।  साथ ही पुरस्कार विजेता किसान द्वरा अपने अनुसंधान का प्रसार करने के लिए यात्रा भत्ता के रूप में भी समान राशि का प्रावधान है। निर्दिष्‍ट  नामांकन/अग्रेषण अधिकारी द्वारा अपने आधिकारिक क्षेत्रों में किसानों की पहचान और नामांकन विधिवत प्रमाणित करने के उपरांत ही परिषद को अग्रेषित करने चाहिए। साथ ही नामांकन प्राधिकारी द्वारा नामांकित किसान द्वारा किए गए प्रमुख योगदानों को रेखांकित करते हुए पूर्ण औचित्‍य  के साथ सुस्‍पष्‍ट अनुशंसा भी की जानी चाहिए। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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4.2 विविधीकृत कृषि के लिए एन.जी.रंगा किसान पुरस्‍कार 2020: विविधीकृत कृषि के लिए किसानों के उत्‍कृष्‍ट योगदान को मान्‍यता देने हेतु भाकृअनुप द्वारा एन.जी.रंगा किसान पुरस्‍कार की स्थ्हपना की गयी है। इस पुरस्कार के अंतर्गत स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र के अतिरिक्‍त रू. 1,00,000/- नकद का एक पुरस्‍कार वार्षिक रूप से दिए जाने का प्रावधान है। इस पुरस्‍कार के लिए पूर्व में भाकृअप पुरस्‍कार के लिए चयनित सभी किसान पात्र हैं जो पुरस्‍कार के मानदंडों को पूरा करते हैं। निर्दिष्‍ट  नामांकन/अग्रेषण अधिकारी द्वारा अपने आधिकारिक क्षेत्रों में किसानों की पहचान और नामांकन विधिवत प्रमाणित करने के उपरांत ही परिषद को अग्रेषित करने चाहिए। साथ ही नामांकन प्राधिकारी द्वारा नामांकित किसान द्वारा किए गए प्रमुख योगदानों को रेखांकित करते हुए पूर्ण औचित्‍य  के साथ सुस्‍पष्‍ट अनुशंसा भी की जानी चाहिए। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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4.3 हलधर जैविक कृषि पुरस्‍कार, 2020: जैविक किसानों के उत्‍कृष्‍ट योगदान को मान्‍यता प्रदान करने के लिए भाकृअप द्वारा हलधर जैविक किसान पुरस्‍कार दिया जाता है। इस पुरस्कार के अंतर्गत स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र के अतिरिक्‍त रू. 1,00,000/- नकद के तीन पुरस्‍कार वार्षिक रूप से दिए जाने का प्रावधान है। प्रक्षेत्र फसल/बागवानी फसल/औषधीय फसल/दुग्‍ध उत्‍पाद आदि के क्षेत्र में जैविक कृषि क्रियाकलापों में कोई जैविक प्रमाणित किसान/उत्‍पादक जो प्रमाणन अवधि सहित जैविक कृषि में 5 वर्ष का अनुभव रखता है, पुरस्‍कार का पात्र है। निर्दिष्‍ट  नामांकन/अग्रेषण अधिकारी द्वारा अपने आधिकारिक क्षेत्रों में किसानों की पहचान और नामांकन विधिवत प्रमाणित करने के उपरांत ही परिषद को अग्रेषित करने चाहिए। साथ ही नामांकन प्राधिकारी द्वारा नामांकित किसान द्वारा किए गए प्रमुख योगदानों को रेखांकित करते हुए पूर्ण औचित्‍य  के साथ सुस्‍पष्‍ट अनुशंसा भी की जानी चाहिए। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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4.4. पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय अंत्‍योदय कृषि पुरस्‍कार, 2020: खेती के टिकाऊ समेकित प्रारूपों (मॉडल) के विकास हेतु सीमांत, लघु एवं भूमिहीन किसानों के योगदानों को मान्‍यता देने हेतु भाकृअप द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय अंत्‍योदय कृषि पुरस्‍कार वार्षिक दिया जाता है। इस पुरस्कार के अंतर्गत स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र के अतिरिक्‍त रू. 1,00,000/- नकद के तीन पुरस्‍कार वार्षिक रूप से दिए जाने का प्रावधान है। निर्दिष्‍ट  नामांकन/अग्रेषण अधिकारी द्वारा अपने आधिकारिक क्षेत्रों में किसानों की पहचान और नामांकन विधिवत प्रमाणित करने के उपरांत ही परिषद को अग्रेषित करने चाहिए। साथ ही नामांकन प्राधिकारी द्वारा नामांकित किसान द्वारा किए गए प्रमुख योगदानों को रेखांकित करते हुए पूर्ण औचित्‍य  के साथ सुस्‍पष्‍ट अनुशंसा भी की जानी चाहिए। (पुरस्‍कार की श्रेणी: ए-2)

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सामान्‍य:

  1. इन पुरस्‍कारों के लिए आवेदन करने के लिए विहित पात्रता मानदंडों, दिशा-निर्देशों और प्रपत्र को आईसीएआर वेबसाइट (www.icar.org.in) से डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदक हमारे समर्पित आईसीएआर पुरस्‍कार ई-मेल: (icar-award2018 [at] gov.in) पर पीडीएफ फोर्मेट संक्षेप रूप में हो, जो 25-30 पृष्‍ठों से अधिक न हो तथा महत्‍वपूर्ण उपलब्धियां, साइटेशन (जहां कहीं लागू हो) पुरस्‍कार/अर्जित सराहनाएं और आवेदन प्रारूप के अनुसार अन्‍य महत्‍वपूर्ण विवरण रेखांकित की गई हों, में आवेदन दे सकते हैं। इसके अतिरिक्‍त, आवेदन की एक हार्ड कॉपी भी प्रस्‍तुत करें। संपूर्ण दस्‍तावेज के साथ ई-मेल द्वारा भेजे गए आवेदन/नामांकन जो उपयुक्‍त प्राधिकारी द्वारा विधिवत अग्रेषित और अनुशंसित हों, को सहायक महानिदेशक (समन्‍वय), भाकृअप, कमरा सं. 204 ए, कृषि भवन, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्‍ली- 110001 को भेजें। आवेदन/ नामांकन नियत तिथि (28.02.2021) अथवा इससे पूर्व पहुंच जाने चाहिए। आवेदक एवं नामांकन प्राधिकारी सत्‍यापन हेतु अपना सम्‍पर्क विवरण, पता, मोबाइल नं. एवं ई-मेल के साथ भी आवश्यक रूप से संलग्न करे।
  2. प्रत्‍येक उम्‍मीदवार के बारे में निर्णय, उसके द्वारा प्रस्‍तुत दस्‍तावेजों की मौलिकता और अनुसंधान कार्य/अन्‍वेषणों में अनुप्रयुक्‍त मानको के आधार पर लिया जाएगा जैसा कि उसके/उनके द्वारा प्रस्‍तुत दस्‍तावेजों में उल्‍लेखित किया गया है। पुरस्‍कार से संबंधित सभी मामलों में परिषद का निर्णय अंतिम होगा तथा इस बारे में किसी पत्राचार पर विचार नहीं किया जाएगा।