भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने जीता राजा भूमिबोल विश्व मृदा दिवस पुरस्कार 2020

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), रोम द्वारा प्रदत्त प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय राजा भूमिबोल विश्व मृदा दिवस पुरस्कार जीता है। इस आशय की घोषणा विश्व मृदा दिवस (5 दिसंबर 2020) के दिन एफएओ द्वारा एक आभासी समारोह पर की गई थी। स्वस्थ मिट्टी के महत्त्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने की प्रतिबद्धता के लिए भाकृअनुप को यह प्रतिष्ठित वैश्विक पुरस्कार प्रदान किया गया। पिछले वर्ष भाकृअनुप द्वारा आयोजित विश्व मृदा दिवस समारोह ‘मृदा क्षरण को रोको, हमारा भविष्य बचाओ’ आदर्श वाक्य के तहत मृदा क्षरण को संबोधित किया गया था, जिसके लिए भाकृअनुप को विश्व मृदा दिवस पुरस्कार प्रदान किया गया था। भाकृअनुप ने 5 दिसंबर, 2019 को सोशल मीडिया अभियान 'मृदा- हमारी माँ धरती' में वैज्ञानिकों, सरकारी संस्थानों, अधिकारियों, छात्रों, किसानों और आम जनता सहित 13000 से अधिक लोगों की भागीदारी के साथ 'मृदा स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह' का आयोजन किया।

The Indian Council of Agricultural Research won the King Bhumibol World Soil Day Award 2020

शाही महारानी, थाईलैंड की राजकुमारी महा चकरी सिरिंधोर्न, जनवरी 2021 में बैंकॉक में होने वाले एक आधिकारिक समारोह में भाकृअनुप को पुरस्कार प्रदान करेगी।

The Indian Council of Agricultural Research won the King Bhumibol World Soil Day Award 2020

भारत में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के समन्वय, मार्गदर्शन और प्रबंधन के लिए भाकृअनुप जिम्मेदार संगठन है। इस हैसियत से भाकृअनुप दुनिया में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा संस्थानों के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक की देखरेख करता है, जो पूरे देश को बागवानी, मृदा विज्ञान, मत्स्य पालन और पशु विज्ञान के क्षेत्र में शामिल करता है।

 

भाकृअनुप ने देश में सभी मिट्टी हितधारकों तक पहुँचने के लिए एक सप्ताह तक विश्वविद्यालयों में परस्पर संवादात्मक सत्रों, स्कूलों में जागरूकता बढ़ाने वाली गतिविधियों, प्रदर्शनियों, क्षेत्र का दौरा और प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया। भाकृअनुप ने क्विज़, बहस और ऑन-साइट प्रदर्शनों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं जलवायु परिवर्तन शमन के लिए मिट्टी के महत्त्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने को लेकर युवाओं पर विशेष जोर दिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल)