भारत का अमृत महोत्सव में 'उत्तर भारत में कपास की उत्पादकता में वृद्धि' पर इंटरफेस बैठक का हुआ आयोजन

7 सितंबर, 2021

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, लुधियाना, पंजाब ने भाकृअनुप-केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर, महाराष्ट्र के सहयोग से आज 'उत्तर भारत में कपास उत्पादकता में वृद्धि' पर एक इंटरफ़ेस बैठक का आयोजन किया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. बी. आर. काम्बोज, कुलपति, सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार, हरियाणा ने कपास की खेती की नवीनतम प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए वैज्ञानिकों और विस्तार एजेंसियों की भूमिका की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में कपास का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ।

Interface Meeting on “Enhancing Cotton Productivity in North India” @Bharat Ka Amrut Mahotsav

श्री हरदीप सिंह, आई. ए. एस., महानिदेशक (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग), हरियाणा सरकार ने कपास में सुधार के लिए योजनाओं पर प्रकाश डाला। श्री सिंह ने यह भी कहा कि बैठक की सिफारिशें भविष्य में कपास की उत्पादकता में सुधार के लिए मजबूत नीति बनाने में उपयोगी होंगी।

विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. के. सिंह, अतिरिक्त महानिदेशक, (वाणिज्यिक फसल), भाकृअनुप ने कहा कि मजदूरों की कमी के दौर में मशीन से कपास की कटाई जरूरी है।

डॉ. वाई. जी. प्रसाद, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईसीआर, नागपुर ने कपास में उत्पादकता के अंतर को भरने और गुलाबी बोलवर्म जैसे उभरते कीटों के प्रबंधन के तरीकों एवं साधनों पर जोर दिया।

इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में डॉ. राजबीर सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, लुधियाना, पंजाब ने नई चुनौतियों से निपटने के लिए अंतर-राज्यीय बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि अधिक एकजुटता से काम कर सकें।

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'भारत का अमृत महोत्सव' के एक भाग के रूप में आयोजित बैठक में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शोधकर्ताओं, कृषि विभागों के अधिकारियों, किसानों एवं अन्य हितधारकों सहित 75 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, लुधियाना, पंजाब)