मखाना हितधारकों की बैठक

5 सितम्बर, 2022, दरभंगा

मखाना उच्च पोषक तत्वों वाला भोजन साबित हुआ है जो औषधीय गुणों से भरपूर है और दैनिक स्वास्थ्य आहार के लिए अत्यन्त लाभकारी है। यह एक उच्च मूल्य वाली फसल है, जिसे व्यावसायिक रूप से बिहार के मिथिला क्षेत्र में उपजाया जाता है।

इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, भाकृअनुप-सिपेट, लुधियाना ने मखाना के लिए भाकृअनुप-क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा के सहयोग से आज यहां मखाना पर एक दिवसीय हितधारक बैठक का आयोजन किया।

श्री संजय सरावगी, विधायक, दरभंगा ने अपने उद्घाटन संबोधन में मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने उच्च क्षमता वाली मशीन के विकास का आग्रह किया और सुझाव दिया कि भाकृअनुप-सिपेट को बिहार के किसानों और हितधारकों के लिए कुछ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

Makhana Stakeholders’ Meet

डॉ. एस.एन. झा, उप महानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास में मखाना का योगदान एवं इसके ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से उच्च उत्पादकता, श्रमिकों के स्वास्थ्य और आय सृजन के लिए मखाना पॉपिंग के मशीनीकृत तरीके का उपयोग करने का भी आग्रह किया। डॉ. झा ने मिथिला क्षेत्र में शरद पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले कोजागरा उत्सव के अवसर पर मखाना महोत्सव आयोजित करने का भी आह्वान किया।

श्री राजीव रोशन, भा.प्र.से., जिला मजिस्ट्रेट, दरभंगा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रसंस्कृत उत्पादों की ई-मार्केटिंग पर जोर दिया।

डॉ. नचिकेत कोतवालीवाले, निदेशक, भाकृअनुप-सिपेट, लुधियाना ने मखाना और अन्य खाद्य वस्तुओं की कटाई के बाद की प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में उद्यमियों, किसानों और मखाना को परिष्कृत करने वाले किसानों ने मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। यह सुझाव दिया गया कि मखाना के विकास के लिए मखाना अनुसंधान केंद्र और भाकृअनुप-सीफेट, लुधियाना के बीच सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

इस अवसर पर सौर्थ फाउंडेशन के उभरते उद्यमी, मधुबनी के श्री श्याम बाबू झा ने भी अपने विचार रखे।

डॉ. एम.एस. कुंडू, निदेशक विस्तार शिक्षा, डॉ. आर.पी. केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय और डॉ. आशुतोष उपाध्याय, निदेशक, भाकृअनुप-पूर्वी क्षेत्र के अनुसंधान परिसर, पटना भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

कार्यक्रम में मखाना उत्पादकों, मैनुअल मखाना पॉपिंग वर्कर्स, मखाना प्रोसेसर और विभिन्न सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का समापन, भाकृअनुप-क्षेत्रीय केंद्र मखाना, दरभंगा के प्रधान वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. इंदु शेखर सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।