'मधुमक्खी पालन' पर आभासी जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

20 मई, 2021, कोल्हापुर

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे और श्री सिद्धगिरि कृषि विज्ञान केंद्र, कनेरी, कोल्हापुर, महाराष्ट्र ने आज संयुक्त तौर से विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर 'मधुमक्खी पालन' पर एक आभासी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस अवसर के मुख्य अतिथि डॉ. लाखन सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, पुणे ने जोर देकर कहा, 'किसानों को खेती के अलावा पूरक आय को सुरक्षित करने के लिए खुद को मधुमक्खी उद्यमी के रूप में विकसित करना चाहिए।' डॉ. सिंह ने संभावित मधुमक्खी उद्यमियों की वास्तविक प्राप्ति के लिए उनको सामूहिक प्रणाली में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने केवीके से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका कमाने में मदद करने के लिए काम करने का भी आग्रह किया।

Virtual Awareness Programme on “Honey Bee Farming” organized

विशिष्ट अतिथि श्री वाई.के. बारामतीकर, संयुक्त सीईओ, केवीआईसी, मुंबई ने मधुमक्खी पालन के सामूहिक विकास में केवीआईसी के प्रयासों पर प्रकाश डाला। श्री बारामतीकर ने विभिन्न किसानों और संगठनों की मधुमक्खी पालन की नवीन विधियों को भी रेखांकित किया।

श्री बी.वी. अपूर्वा, निदेशक, हनी डे बी फार्म प्रा. लिमिटेड, बेंगलुरु ने 'मधुमक्खी क्षेत्र में वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन और विभिन्न पहलों के महत्त्व' पर एक व्याख्यान दिया।

श्री बिस्वजीत सिंह, सीईओ, उद्यम वेंचर्स प्रा. लिमिटेड, नई दिल्ली ने मधुमक्खी क्षेत्र में विभिन्न उद्यमिता विकास विचारों और संभावनाओं को रेखांकित किया।

डॉ. रवींद्र सिंह, प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, कनेरी ने आय वृद्धि के लिए किसानों से मधुमक्खी पालन को अपनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में कुल 70 किसानों और उद्यमियों ने भाग लिया।

(स्रोत: श्री सिद्धगिरि कृषि विज्ञान केंद्र, कनेरी, कोल्हापुर, महाराष्ट्र)