मवेशियों और भैंसों में जीनोमिक चयन पर दिशा-निर्देश का विकास और राष्ट्रीय आनुवंशिक मूल्यांकन प्रणाली के लिए तौर-तरीके

18 जनवरी, 2019, एन ए एस सी परिसर, नई दिल्ली

भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा आयोजित दो दिवसीय (18-19 जनवरी, 2019) परामर्श बैठक ‘मवेशियों और भैंसों में जीनोमिक चयन पर दिशा-निर्देश का विकास और राष्ट्रीय आनुवंशिक मूल्यांकन प्रणाली के लिए तौर-तरीके (एन जी ई एस)’ का आज उद्घाटन हुआ। यह बैठक इंडियन सोसायटी ऑफ एनिमल जेनेटिक्स एंड ब्रीडिंग (ISAGB) और भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान द्वारा 17 सितंबर, 2018 को भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में एक समकालीन विषय 'जीनोमिक चयन और भारत में इसके कार्यान्वयन: आगे का रास्ता’ पर आयोजित ब्रेन स्टॉर्मिंग (विचार-मंथन) कार्यशाला का अनुसरण था।

Development of Roadmap on Genomic Selection in Cattle and Buffaloes and Modalities for National Genetic Evaluation System

डॉ. आर. के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर ने अपने उद्घाटन भाषण में राष्ट्रीय संदर्भ में बैठक के महत्त्व पर जोर देते हुए कहा कि विकसित किए जाने वाले दिशा-निर्देश विश्वसनीय होने के साथ-साथ परिभाषित समय रेखा के साथ सभी हितधारकों को लक्षित हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सहायक प्रजनन उपकरणों को भी प्रणाली में एकीकृत करने की आवश्यकता है।

डॉ. आर. के. विज, नोडल ऑफिसर, एन बी जी सी, ने स्वदेशी मवेशियों और भैंसों में जीनोम के चयन पर स्वदेशी चिप विकास और कार्यान्वयन के तौर-तरीके की प्रगति प्रस्तुत की।

डॉ. रवि कुमार, जैव प्रौद्योगिकी विभाग-राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, ने राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान में चिप विकास की स्थिति प्रस्तुत की।

डॉ. बी. पी. मिश्रा, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान), भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और सलाहकार बैठक के संयोजक ने देश के मवेशियों और भैंस के आनुवंशिक सुधार के लिए एक राष्ट्रीय आनुवंशिक मूल्यांकन प्रणाली की आवश्यकता और महत्त्व को प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्तमान आनुवंशिक सुधार कार्यक्रमों की शक्ति और सीमाओं के साथ-साथ एकल छतरी के तहत प्रयासों को एकीकृत करने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया।

डॉ. विनीत भसीन, प्रमुख वैज्ञानिक, पशु विज्ञान प्रभाग, भाकृअनुप, ने समान रिकॉर्डिंग और मूल्यांकन के लिए एन जी ई एस प्रणाली के तहत अन्य एजेंसियों के साथ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के ए आई सी आर पी / नेटवर्क डेटा के एकीकरण के लिए अच्छी तरह से परिभाषित एस ओ पी के विकास पर जोर दिया।

तीन समूहों में विभाजित प्रतिभागी लक्षित विषय पर एक दिशा-निर्देश तैयार करेंगे। विभिन्न संगठनों जैसे, भाकृअनुप-संस्थानों – भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय मवेशी अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान; भारतीय कृषि उद्योग फाउंडेशन, राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग के प्रतिनिधि इस दो दिवसीय विचार-विमर्श में भाग ले रहे हैं।

(स्रोत: पशु विज्ञान प्रभाग, भाकृअनुप)