"लघु बाजरों के लोकप्रियकरण और स्वास्थ्य लाभ" पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

20 अक्तूबर, 2020, हैदराबाद

Training Programme on “Popularization and health benefits of Small Millets”

भाकृअनुप-भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद ने कृषि विज्ञान विभाग, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पासीघाट, इंफाल के सहयोग से भाकृअनुप-आईआईएमआर, हैदराबाद के पूर्वोत्तर पर्वतीय (एनईएच) घटक के तहत "लघु बाजरा के लोकप्रियकरण और स्वास्थ्य लाभ" पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

प्रो. बी. एन. हजारिका, डीन, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पासीघाट, इंफाल ने अपने संबोधन में लघु बाजरों के स्वास्थ्य लाभ और उच्च आय सृजन के लिए बाजरा की खेती के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से भी भाकृअनुप-आईआईएमआर, हैदराबाद के साथ मिलकर पूर्वी सियांग जिले में कार्यान्वित की जा रही बाजरा परियोजना में सक्रिय भागीदारी के लिए आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को बाजरा उत्पादन पद्धतियों, इसके प्रसंस्करण और विपणन के लिए मूल्य वर्धन पर भी प्रशिक्षित किया गया। किसानों को इस क्षेत्र में खेती की शुरुआत के लिए उन्नत बाजरा की खेती के बीज भी वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाजरा उत्पादन और उपयोग के संबंध में जनजातीय किसानों के ज्ञान को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के बोदक गाँव की 22 महिला सदस्यों सहित कुल 35 किसानों ने हिस्सा लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)