श्री कैलाश चौधरी ने भाकृअनुप-काजरी, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, लेह (यूटी) का किया दौरा

4 जुलाई, 2021, लेह (यूटी)

श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने कहा, 'देश के कृषि समुदाय खासकर  शीत शुष्क क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की आवश्यकता है।’ श्री चौधरी आज भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, लेह, केंद्र शासित प्रदेश द्वारा आयोजित 'किसान मेला और लद्दाख के पार-हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र के कृषि समुदाय के साथ एक परस्पर संवादात्मक बैठक’ को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने अनुसंधान और कृषक समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।

Shri Kailash Choudhary visits ICAR-CAZRI, Regional Research Station, Leh (UT)  Shri Kailash Choudhary visits ICAR-CAZRI, Regional Research Station, Leh (UT)

विशेष अतिथि, श्री जम्यांग त्सेरिंग नामग्याल, संसद सदस्य, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने विशेष तौर पर लद्दाख क्षेत्र एवं उसके लोगों के समग्र विकास को लक्षित करने वाली राष्ट्र की योजनाओं और कार्यक्रमों को रेखांकित किया।

डॉ. एस. भास्कर, अतिरिक्त महानिदेशक, भाकृअनुप भी इस दौरान बतौर विशेष अतिथि मौजूद रहे।

Shri Kailash Choudhary visits ICAR-CAZRI, Regional Research Station, Leh (UT)  Shri Kailash Choudhary visits ICAR-CAZRI, Regional Research Station, Leh (UT)

इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में डॉ. ओ. पी. यादव, निदेशक, भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर, राजस्थान ने ठंडे शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र के महत्त्व, उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों की भूमिका और शीत क्षेत्र की सतत विकासात्मक प्रगति पर दीर्घकालिक प्रभाव को रेखांकित किया।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की घाटियों - लेह, नुब्रा, चांगथांग और कारगिल के किसानों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर, राजस्थान)