सचिव(मत्स्य पालन, पशु पालन एवं डेयरी विभाग), मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने भाकृअनुप-सीफा का किया दौरा

नवंबर 20, 2021, भुवनेश्वर 

श्री जितेंदर नाथ स्वैन, आएएस, सचिव(मत्स्य पालन, पशु पालन एवं डेयरी विभाग), मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने आज भकृअनुप-केंद्रीय मीठा जल मत्स्य कृषि संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा का दौरा किया।

Secretary (Fisheries), Department of Animal Husbandry & Dairying, Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying visits ICAR-CIFA, Bhubaneswar  Secretary (Fisheries), Department of Animal Husbandry & Dairying, Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying visits ICAR-CIFA, Bhubaneswar  Secretary (Fisheries), Department of Animal Husbandry & Dairying, Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying visits ICAR-CIFA, Bhubaneswar

सचिव ने विभिन्न इकाइयों -तिलपिया, आनुवंशिक रूप से उन्नत रोहू, झींगा, हवा में सांस लेने वाली मछली, सजावटी मछली और हाइड्रोपोनिक्स आदि का जायजा लिया। श्री स्वैन ने कृषक समुदाय के लिए नवीन और कुशल प्रौद्योगिकी विकल्पों को विकसित करने पर जोर दिया।

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संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ अपनी बातचीत के दौरान उन्होंने शोधकर्ताओं से कृषि उत्पादन लागत में कमी, मछली और मछली उत्पादों के लिए बाजार निर्माण और किसानों और अन्य अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए विकसित प्रौद्योगिकियों के प्रसार के लिए उत्तरदायी विस्तार प्रणालियों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने परिवर्तनकारी बदलाव पर जोर दिया और कहा कि ये लक्ष्यों को साकार करने के लिए आवश्यक हैं और इसे प्रप्त करने के लिए शोधकर्ता प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।

डॉ. जॉयकृष्ण जेना, उप महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान), भाकृअनुप और डॉ. सरोज कुमार स्वैन, निदेशक, भाकृअनुप-सीफा, भुवनेश्वर ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि उन्होंने सचिव को  हैचरी, एक्वेरियम, फीड मिल और कृषि के बारे में अवगत कराया।

डॉ. जेना ने मीठे पानी की जलीय कृषि की वर्तमान स्थिति और इस क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ. स्वैन ने संस्थान में चल रही विभिन्न शोध गतिविधियों को रेखांकित किया।

इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय मीठे पानी की जलीय कृषि संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)