सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल का किया दौरा

3 सितम्बर, 2022, भोपाल

श्री मनोज आहूजा, सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने आज यहां भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल का दौरा किया।

Secretary, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Govt. of India visits ICAR- Indian Institute of Soil Science, Bhopal   Secretary, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Govt. of India visits ICAR- Indian Institute of Soil Science, Bhopal

वैज्ञानिकों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, उन्होंने विकसित प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण पर जोर दिया। सचिव ने संभावित प्रौद्योगिकियों की एक सूची प्रस्तुत करने का भी आग्रह किया जिनका व्यावसायीकरण किया जा सकता है। श्री. आहूजा ने माइक्रोबियल अपघटन और संरक्षण, कृषि तकनीकों की शुरुआत के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को खेतों में एक वाणिज्यिक मॉडल  विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने नैनो रॉक फॉस्फेट के व्यावसायीकरण एवं जैव उर्वरकों के कुशल उपभेदों के साथ बीजों के यांत्रिक कोटिंग पर जोर दिया। श्री आहूजा ने क्षेत्र में अनुप्रयोगों के लिए सिंचाई और पोषक तत्व प्रबंधन के साथ-साथ सेंसर आधारित प्रौद्योगिकियों के विकास और मानकीकरण पर भी जोर दिया। सचिव ने स्केलेबल प्रौद्योगिकियों के बारे में भी पूछताछ की जो किसान के खेत में हस्तांतरण के लिए तैयार हैं और उसके लिए एक नीति पत्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

श्री आहूजा ने फ्री एयर कार्बन एनरिचमेंट (FACE) प्रयोग, फ्लाई ऐश प्रयोग (NTPC), संरक्षण कृषि (CA के लिए CRP) प्रयोग और नैनो सेंसर विकास परियोजना की कार्यरत प्रायोगिक इकाइयों का भी दौरा किया।

प्रारंभ में, डॉ. अशोक के पात्रा निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएसएस ने संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों और विभिन्न प्रभागों और परियोजना समन्वय इकाइयों के तहत चल रहे शोध कार्यों के बारे में जानकारी दी।

बैठक में, श्री अजीत केसरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (आईएएस), मध्य प्रदेश सरकार; श्री राजीव चौधरी, निदेशक, कृषि इंजीनियरिंग, म.प्र. सरकार;  श्रीमती रितु चौहान, अतिरिक्त कलेक्टर, मंडी बोर्ड, म.प्र. सरकार और श्री बी.एम. सहारा, उप निदेशक कृषि, म.प्र. सरकार के अलावा संस्थान, राज्य और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थानभोपाल)