सतारा जिला परिषद, महाराष्ट्र के अध्यक्ष और सदस्यों ने किया भाकृअनुप-नोफरी का दौरा

9 दिसंबर, 2019, तडोंग

Chairman and Members of Satara Zila Parishad, Maharashtra visits ICAR-NOFRI

श्री राजेश पवार, अध्यक्ष, शिक्षा और वित्त, जिला परिषद, सतारा के साथ 9 सदस्यों और अधिकारियों ने आज भाकृअनुप-राष्ट्रीय जैविक खेती अनुसंधान संस्थान, तडोंग का दौरा किया।

श्री पवार ने महाराष्ट्र के सतारा में सिक्किम जैविक खेती मॉडल को अपनाने के लिए सिक्किम की अपनी टीमों के दौरे के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सिक्किम के कृषक समुदाय की बेहतरी के लिए किए गए भाकृअनुप-नोफरी के कार्यों की सराहना की।

भाकृअनुप रिसर्च फार्म की यात्रा के दौरान टीम ने अधिकारियों से इस तरह का मॉडल विकसित करने का आग्रह किया ताकि उन्हें अपनाने हेतु महाराष्ट्र के सतारा जिले के किसानों को प्रदर्शित किया जा सके। सतारा के अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों ने रिसर्च फार्म में विकसित प्रौद्योगिकियों के बारे में संस्थान के वैज्ञानिकों से भी बातचीत की।

डॉ. आर. के. अवस्थे, संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप-नोफरी ने अपने स्वागत भाषण में पिछले 5 वर्षों के दौरान भाकृअनुप-नोफरी और कृषि विज्ञान केंद्र, पूर्वी सिक्किम द्वारा किए जा रहे विभिन्न अनुसंधान, क्षमता निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जैविक कृषि दृष्टिकोण के माध्यम से आजीविका में सुधार और मार्च, 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है।

उन्होंने एकीकृत जैविक कृषि प्रणाली (आईओएफएस) के विभिन्न घटकों के एकीकरण के महत्त्व पर भी एक तरह से प्रकाश डाला ताकि प्रत्येक घटक के उत्पादन का उपयोग आईओएफएस मॉड्यूल में अन्य घटकों के लिए इनपुट के रूप में किया जा सके।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय जैविक खेती अनुसंधान संस्थान, तडोंग)