‘गोल्डन दुग्ध उत्पाद’ का हुआ शुभारंभ

28 अगस्त, 2020, कोझिकोड

आम सर्दी, बुखार आदि जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए एक पारंपरिक स्वास्थ्य पेय हल्दी के दूध में मसालों के अघुलनशील निपटान और इसके सक्रिय अवयवों की कम जैव-उपलब्धता की सीमाएँ हैं। इसे दूर करने के लिए भाकृअनुप-भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान, कोझिकोड, केरल ने दूध और दुग्ध उत्पादों में सहायक के रूप में हल्दी, अदरक और दालचीनी का उपयोग करते हुए एक नए मसाला मिश्रण का सूत्रीकरण किया है। 

 “Golden Milk Products” launched  “Golden Milk Products” launched  “Golden Milk Products” launched

अधिवक्ता, श्री के. राजू, डेयरी विकास मंत्री, केरल सरकार ने आज भाकृअनुप-भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान, कोझिकोड, केरल में ‘मिल्मा गोल्डन मिल्क’ और ‘गोल्डन मिल्क मिक्स’ उत्पादों का शुभारंभ किया।

अधिवक्ता, श्री वी. एस. सुनील कुमार, कृषि मंत्री, केरल सरकार ने श्री एम. विजयकुमार, अध्यक्ष, केरल पर्यटन विकास निगम, तिरुवनंतपुरम, केरल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, केरल विधानसभा के साथ इस अवसर पर गोल्डन मिल्क मिक्स उत्पाद का विमोचन किया।

डॉ. पाटिल सुयोग सुभाष राव, आई.एफ.एस., प्रबंध निदेशक, केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (केसीएमएमएफ), केरल के साथ श्री के. एस. मणि, अध्यक्ष, मालाबार क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (एमआरसीएमपीयू) लिमिटेड, केरल; श्री के. एम. विजयकुमारन, प्रबंध निदेशक, एमआरसीएमपीयू लिमिटेड और डॉ. आनंद कुमार सिंह, उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप ने भी आभासी तौर पर इस कार्यक्रम में भाग लिया। 

दूध और दूध से बने उत्पादों में हल्दी, अदरक और दालचीनी का उपयोग करके एक मसाला मिश्रण के तौर पर इस उत्पाद को तैयार किया गया है। मसालों के पानी में घुलनशील अर्क का उपयोग पाउडर के रूप में किया गया था ताकि इस उद्देश्य के लिए दो अलग-अलग सूत्र तैयार किए जा सकें - एक निष्फल स्वाद वाले दूध की सेवा के लिए और दूसरा तात्कालिक मिश्रण पाउडर के लिए।

केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (केसीएमएमएफ) के उपक्रम मालाबार क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (एमआरसीपीपीयू), कोझिकोड के प्रसंस्करण संयंत्र में औद्योगिक परीक्षण करके भाकृअनुप-आईआईएसएसआर, कोझिकोड, केरल में विकसित प्रयोगशाला पैमाने की प्रौद्योगिकी को और ठीक किया गया। इस तकनीक को भाकृअनुप-आईआईएसआर में 21 अगस्त, 2020 को केसीएमएमएफ के पंजीकृत ट्रेडमार्क एमआईएलएमए को हस्तांतरित किया गया था।

इसकी सहकारी संगठनात्मक स्थापना और व्यापक पहुँच के साथ नए उत्पादों के शुभारंभ से न केवल जमीनी स्तर के सदस्य-किसानों को फायदा होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को इसकी प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले गुणों के आधार पर भी लाभ होगा।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान, कोझिकोड, केरल)