‘संयंत्र जैवप्रौद्योगिकी और जीनोम संपादन में प्रगति (एपीबीजीई - 2021)’ पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

8-10 अप्रैल, 2021, राँची

भाकृअनुप-भारतीय कृषि जैवप्रौद्योगिकी संस्थान, राँची, झारखंड ने प्रतिष्ठित संयंत्र उत्तक संवर्धन (प्रेस्टीजियस प्लांट टिशू कल्चर एसोसिएशन), भारत के सहयोग से आभासी तौर पर 8 से 10 अप्रैल तक ‘संयंत्र जैवप्रौद्योगिकी और जीनोम संपादन में प्रगति (एपीबीजीई - 2021)’ पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी/परिसंवाद का आयोजन किया।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में एक जीवविज्ञान प्रणाली दृष्टिकोण का उपयोग करके संयंत्र विज्ञान की सीमित प्रक्रियाओं को समझने के लिए शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। हार्डी (ठंड के मौसम में जीवित रहने में सक्षम) पौधों की प्रजातियों के महत्त्व पर बल देते हुए, महानिदेशक ने विभिन्न लक्षणों के लिए नवीन जीन की पहचान करके उनका उपयोग करने का आग्रह किया। डॉ. महापात्र ने पारंपरिक और उन्नत जैव प्रौद्योगिकीय दृष्टिकोणों में उत्कृष्टता और क्षमता निर्माण केंद्रों को सहायता जारी रखने पर जोर दिया।

International Symposium on “Advances in Plant Biotechnology and Genome Editing (APBGE - 2021)” organized  International Symposium on “Advances in Plant Biotechnology and Genome Editing (APBGE - 2021)” organized

सम्मानित अतिथि, पद्म श्री, प्रो. सुधीर के. सोपोरी, पूर्व कुलपति, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने कृषि संबंधी समस्याओं के लिए अपरंपरागत समाधान प्रदान करने के लिए जैव-प्रौद्योगिकीय अग्रिमों के उपयोग का आग्रह किया।

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने अपने व्याख्यान में भारत की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जैव-प्रौद्योगिकीय दृष्टिकोणों के महत्त्व को रेखांकित किया।

डॉ. अरुणव पट्टनायक, निदेशक और अध्यक्ष एपीबीजीई - 2021 ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में राय दी कि बेहतर कृषि के लिए तैयार जैव प्रौद्योगिकीय उपकरणों का जुटाना और जीनोम संपादन जैसे नए अग्रिमों के रणनीतिक उपयोग से किसानों की आय दोगुनी करने के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करना शोधकर्ताओं और नीति नियोजकों के लिए खुली चुनौतियाँ हैं।

International Symposium on “Advances in Plant Biotechnology and Genome Editing (APBGE - 2021)” organized  International Symposium on “Advances in Plant Biotechnology and Genome Editing (APBGE - 2021)” organized

पद्म श्री, प्रो. प्रमोद टंडन, सचिव पीटीसीए (आई) ने भी संगोष्ठी के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

संगोष्ठी का उद्देश्य उन्नत अजैविक, जैव तनाव सहिष्णुता, उच्च उपज और गुणवत्ता के साथ कृषि एवं बागवानी फसलों के विकास के लिए CRISPR/Cas आधारित जीनोम संपादन प्रौद्योगिकी सहित उन्नत जैव प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों का उद्देश्य था।

तीन दिवसीय संगोष्ठी में 11 देशों के 450 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि जैवप्रौद्योगिकी संस्थान, राँची, झारखंड)