29 सितंबर, 2026, आनंद
भाकृअनुप–औषधीय एवं सगंधीय पादप अनुसंधान निदेशालय, बोरीआवी, आनंद में हिंदी कार्यशाला एवं हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मनीष दास, निदेशक, भाकृअनुप-डीएमएपीआर, हिंदी अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गोविंद कुमार एवं सदस्य सचिव श्री बृजेश मिश्र की उपस्थिति में वंदे मातरम् एवं भाकृअनुप गीत तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ से प्रारंभ हुआ।

कार्यक्रम में, मुख्य अतिथि श्री राजेश त्रिवेदी, प्रधानाचार्य, केन्द्रीय विद्यालय, वल्लभ विद्यानगर, आनंद एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. मनीष दास, निदेशक, भाकृअनुप-डीएमएपीआर, नराकास के सदस्य-सचिव श्री अनुराग आनंद, हिंदी अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गोविंद कुमार, सदस्य-सचिव श्री बृजेश कुमार मिश्र, नराकास के सदस्य कार्यलय से आए प्रतिभागी तथा निदेशालय के वैज्ञानिकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, संविदा कर्मी एवं अन्य सहयोगीयों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि श्री राजेश त्रिवेदी ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा के महत्व एवं वर्तमान समय में इसके प्रासंगिक प्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा दैनिक एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए निदेशालय को बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।

डॉ. मनीष दास ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राजभाषा हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने निदेशालय के वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों में वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की तथा उन्होंने भविष्य में भी हिंदी से संबंधित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
हिन्दी पखवाड़ा की शुरूआत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ हिन्दी दिवस 14 सितंबर, 2026 को किया गया। जिसके दौरान राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग तथा हिंदी के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हिन्दी निबंध, वाद-विवाद, काव्यपाठ एवं सामान्य हिन्दी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।

कार्यक्रम के अंत में हिंदी अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गोविंद कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात राष्ट्रगान के गायन के साथ हिंदी कार्यशाला एवं हिंदी पखवाड़ा का औपचारिक समापन हुआ।
(स्रोतः भाकृअनुप–औषधीय एवं सगंधीय पादप अनुसंधान निदेशालय, बोरीआवी, आनंद)







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