प्राथमिकता वाले क्षेत्र

16वें वित्तीय चक्र के दौरान प्राथमिकता वाले क्षेत्र:

· जीनोमिक चयन, हैप्लोटाइप- और एपिजेनेटिक्स-आधारित प्रजनन, AI/ML-सक्षम पूर्वानुमानित प्रजनन, सिंथेटिक एपोमिक्सिस, सटीक फीनोटाइपिंग तथा लक्षण-विशिष्ट जर्मप्लाज्म के उपयोग के माध्यम से अगली पीढ़ी का प्रजनन एवं आनुवंशिकी, ताकि अधिदेशित फसलों की जलवायु-अनुकूल, उच्च उपज देने वाली, बहु-तनाव-सहिष्णु और इनपुट-उपयोग दक्ष किस्मों/संकरों का तेजी से विकास किया जा सके:

a. आत्मनिर्भरता के लिए तिलहन और दलहन पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उपज संबंधी बाधाओं को तोड़ना;

b. कुपोषण से निपटने के लिए जैव-सुदृढ़ीकृत किस्में

c. बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का, गन्ना आदि जैसी औद्योगिक उपयोग की किस्में

• जैविक और जैव-गहन समाधानों सहित एकीकृत कीट प्रबंधन के माध्यम से पादप स्वास्थ्य, जिससे रासायनिक अवशेष कम हों तथा आधुनिक डिजिटल और AI-सक्षम फसल प्रबंधन का उपयोग हो।· बीज अनुसंधान, स्मार्ट बीज उत्पादन प्रौद्योगिकियां और किस्म जारी होने के न्यूनतम समय में प्रजनक बीज की आपूर्ति।

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