भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् द्वारा एक-दिवसीय हिंदी संगोष्ठी का आयोजन

26th सितम्बर 2014,नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय और राजभाषा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से ‘हिन्दी माध्यम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार’ विषय पर एक-दिवसीय हिन्दी संगोष्ठी का आयोजन 26 सितम्बर, 2014 को नई दिल्ली में किया गया।

डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने अपने संदेश में कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे अनुसंधान,उन्नत किस्मों व तकनीकों की जानकारी देश के किसान समुदाय तक उनकी भाषा में सहज व् सरल रूप से पहुंचाने की ज़रूरत है। श्री अरविंद कौशल, सचिव, भाकृअनुप एवं अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने अपने संदेश में बताया कि अनुसंधान के माध्यम से सृजित ज्ञान को जितनी सरल भाषा में किसानों तक पहुंचाया जाएगा वह किसान और विज्ञान दोनों के लिए हितकर होगा।

इस अवसर पर डॉ. महेन्द्र पाल यादव, मुख्य अतिथि एवं सचिव, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी ने अपने संबोधन में कृषि शोध पत्रों के हिंदी में प्रकाशन की आवश्यकता पर जोर देते हुए शोध पत्रिकाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का सुझाव दिया। श्री लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, माननीय अतिथि एवं उपमहानिदेशक, आकाशवाणी ने उपस्थित श्रोताओं के समक्ष कृषि अनुसंधान एवं शोध पत्रों के मौलिक हिंदी लेखन को आज की सबसे बड़ी चुनौती बताया और इस दिशा में अधिक प्रयत्न किये जाने का वैज्ञानिक समुदाय से आग्रह किया।

इससे पूर्व, अतिथियों और वक्ताओं का स्वागत करते हुए डॉ. रामेश्वर सिंह, अध्यक्ष, आयोजन समिति एवं परियोजना निदेशक, कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय ने देश में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाने वाली हिंदी भाषा में कृषि साहित्य के महत्त्व एवं उपयोगिता पर अपने विचार रखे। डॉ. जगदीप सक्सेना, आयोजन सचिव एवं संपादक, कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को संगोष्ठी की रूपरेखा तथा उद्देश्यों से अवगत कराया गया। श्री हरीश चन्द्र जोशी, निदेशक, राजभाषा, भाकृअनुप ने इस अवसर पर परिषद् में किये जा रहे हिंदी के कार्यकलापों पर प्रस्तुति दी।

संगोष्ठी में ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रसार में हिंदी की भूमिकातथाहिंदी में वैज्ञानिक तकनीकी लेखन और राजभाषा का स्वरूप विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किये गये, जिनमें भाकृअनुप के अलावा आईसीएमआर, विज्ञान प्रसार, आईआईएमसी सहित विज्ञान संचारकों ने व्याख्यान दिये। इस अवसर पर परिषद तथा इसके संस्थानों के हिन्दी प्रकाशनों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी।

संगोष्ठी में भाकृअनुप मुख्यालय के दिल्ली स्थित संस्थानों और निदेशालयों के 100 से अधिक प्रतिभागियों सहित परिषद् के मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

श्री सुनील कुमार जोशी, व्यवसाय प्रबंधक, भाकृअनुप ने कार्यक्रम का संचालन किया।

(स्रोतः कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, भाकृअनुप)