राष्ट्रीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन

7th  नवम्बर, 2015, नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राजभाषा प्रभाग तथा कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय द्वारा संयुक्त रूप से ‘वैज्ञानिक संस्थानों में राजभाषा कार्यान्वयन’ प्रयोग एवं प्रोत्साहन विषय पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन

डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि पूरे भारत में कार्यरत परिषद के अनुसंधान संस्थानों में हिन्दी का प्रयोग सकारात्मक गति से आगे बढ़ रहा है। गैर-हिन्दी प्रदेशों में भी परिषद के कार्यालयों में राजभाषा का प्रयोग देखकर सुखद अनुभूति होती है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि इसको बढ़ावा देने के लिए हिन्दी की ग्राह्यता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हिन्दी के सरल, सहज, सुबोध और लचीले प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिये और कठिन एवं असहज शब्दों से बचना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि हिन्दी में प्रभावी व सुंदर अभिव्यक्ति हो सकती है।

राष्ट्रीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन डॉ. त्रिलोचन महापात्र, निदेशक, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने माननीय अतिथि के रूप में संबोधन करते हुए कहा कि हिन्दी के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को सम्मिलित प्रयासों से दूर करना चाहिए जिससे राजभाषा संवैधानिक उद्देश्यों को प्राप्त कर वास्तविक गरिमा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि परिषद के अनुसंधान संस्थानों में हिन्दी के अलावा अन्य भाषाओं का भी सराहनीय प्रयोग हो रहा है, जिससे हम अनुसंधान के परिणामों को किसानों तक पहुंचाने में सफल रहे हैं।

श्री आर. राजगोपाल, अपर सचिव, डेयर व सचिव, भाकृअनुप ने चार सत्रों में आयोजित कार्यशाला के खुले वैचारिक एवं समापन सत्र की अध्यक्षता की। भारत के लगभग सभी प्रांतों से आये परिषद के संस्थानों के प्रतिनिधियों ने राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित समस्याओं को प्रस्तुत किया, जिनका यथासंभव समाधान सुझाया गया। सत्र के अंत में श्री राजगोपाल ने समस्याओं के समाधान की बात कही और राजभाषा से संबंधित नियमों को अधिक प्रासंगिक, उपयोगी एवं सहज बनाये जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इससे संबंधित प्रभावी आदेश लाये जायेंगे।

राष्ट्रीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन इसके पूर्व उद्घाटन सत्र में डॉ. रामेश्वर सिंह, परियोजना निदेशक, कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय ने राजभाषा से संबंधित जानकारी देते हुए परिषद के हिन्दी प्रकाशन तथा हिन्दी के माध्यम से ज्ञान प्रसार से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।

श्रीमती सीमा चोपड़ा, उप-निदेशक, राजभाषा, भाकृअनुप, एवं डॉ. जगदीप सक्सेना, प्रभारी, हिन्दी संपादकीय एकक, कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया।

भारत के लगभग सभी प्रांतों से आये परिषद के अनुसंधान संस्थानों के लगभग 100 हिन्दी अधिकारियों, वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यशाला में भाग लिया। इसके साथ ही परिषद के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यशाला में उपस्थित थे।

(स्रोतः भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय)