भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, क्षेत्रीय केन्द्र, गुवाहाटी ने राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस की पूर्व संध्या पर सिक्किम में सतत मत्स्य पालन को सुदृढ़ किया तथा युवा पीढ़ी को किया प्रेरित

भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, क्षेत्रीय केन्द्र, गुवाहाटी ने राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस की पूर्व संध्या पर सिक्किम में सतत मत्स्य पालन को सुदृढ़ किया तथा युवा पीढ़ी को किया प्रेरित

9 जुलाई 2026, सोरेंग, सिक्किम

पूर्वोत्तर पर्वतीय (एनईएच) क्षेत्र में सतत अंतर्देशीय मत्स्य पालन तथा आजीविका संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सिफरी), क्षेत्रीय केन्द्र, गुवाहाटी ने सिक्किम सरकार के मत्स्य निदेशालय के सहयोग से राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस की पूर्व संध्या पर सोरेंग जिले के रोथाक फिश फार्म में एक जागरूकता-सह-इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया।

तकनीकी सत्रों के दौरान भाकृअनुप-सिफरी के वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक तालाब प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, मत्स्य उत्पादकता एवं फार्म की लाभप्रदता बढ़ाने के लिए उन्नत जलीय कृषि प्रौद्योगिकियों तथा एक्वेरियम में सजावटी मछलियों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रदर्शन एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया। संवादात्मक सत्रों ने किसानों को क्षेत्रीय स्तर की चुनौतियों पर चर्चा करने तथा उत्पादकता, सततता और आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक एवं आवश्यकता-आधारित समाधान प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-सिफरी, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समग्र मार्गदर्शन में किया गया।

ICAR-CIFRI, Regional Centre, Guwahati Strengthens Sustainable Fisheries and Inspires Young Minds in Sikkim on the Eve of National Fish Farmers' Day

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण निकटवर्ती विद्यालयों को सजावटी मछलियों, मत्स्य आहार तथा आवश्यक सहायक सामग्री सहित 21 एक्वेरियम इकाइयों का वितरण था। इस अनूठी पहल का उद्देश्य सजावटी मत्स्य पालन के प्रति रुचि विकसित कर, पर्यावरण संरक्षण की भावना को बढ़ावा देकर, जलीय जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाकर तथा अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करते हुए युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. डे ने कहा कि राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस की पूर्व संध्या पर यह पहल विज्ञान-आधारित नवाचारों के माध्यम से मत्स्य किसानों को सशक्त बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए भाकृअनुप-सिफरी की अटूट प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। राज्य मत्स्य विभागों के साथ मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देकर हम ऐसे सुदृढ़ एवं सतत मत्स्य पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं, जो आजीविका को सशक्त बनाता है, पोषण सुरक्षा को मजबूत करता है, जलीय जैव विविधता का संरक्षण करता है तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के समावेशी एवं सतत विकास को गति प्रदान करता है।"

ICAR-CIFRI, Regional Centre, Guwahati Strengthens Sustainable Fisheries and Inspires Young Minds in Sikkim on the Eve of National Fish Farmers' Day

इस कार्यक्रम में 63 मत्स्य किसानों तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य विज्ञान-आधारित जलीय कृषि को बढ़ावा देना, किसानों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा पूरे क्षेत्र में सतत मत्स्य पालन पद्धतियों को तेजी से अपनाने को प्रोत्साहित करना था।

यह सफल कार्यक्रम जलवायु-अनुकूल, विज्ञान-आधारित अंतर्देशीय मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि को आगे बढ़ाने के लिए राज्य मत्स्य विभागों के साथ साझेदारी को सुदृढ़ करने के प्रति भाकृअनुप-सिफरी की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। ज्ञान प्रसार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा क्षमता निर्माण के माध्यम से ऐसी पहलें पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन में वृद्धि, किसानों की आय में सुधार, पोषण सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण तथा मत्स्य आधारित आजीविकाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने में योगदान दे रही हैं।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)

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