देश को खाद्यान्न सरप्लस बनाने में भाकृअनुप की महत्वपूर्ण भूमिका - कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री

89th Foundation day and Prize Distribution Ceremonyकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 89वें स्थापना दिवस और पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए देश में हरित क्रांति का सूत्रपात करने में परिषद की अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों के कारण ही आज हमारा देश खाद्यान्न की कमी वाली स्थिति से निकलकर खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर और अब सरप्लस खाद्यान्न की स्थिति तक पहुंच सका है। कृषि मंत्री ने बताया कि आज देश की जीडीपी में कृषि एवं संबद्ध सेक्टर की भागीदारी 18 प्रतिशत है। इसके साथ ही उन्होंने इस वर्ष 274 मिलियन टन रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन के लिए भी किसानों के साथ परिषद द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही आधुनिक प्रौद्योगिकियों, गुणवत्तापूर्ण बीजों और अन्य किसानोपयोगी सेवाओं की भी तारीफ की।

कृषि मंत्री ने बताया कि कैसे कृषि अनुसंधानों की बदौलत सन् 1951 से देश में खाद्यान्न के उत्पादन में 5 गुना, मत्स्य उत्पादन में 14.3 गुना, दुग्ध उत्पादन में 9.6 गुना और अंडा उत्पादन में 47.5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। इसी प्रकार बागवानी फसलों में 1991-92 की तुलना में फल और सब्जी उत्पादन में तीन गुना वृद्धि हुई है।

Read More....

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा स्नातक उपाधि के लिए 22वीं आखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा (AIEEA-UG-2017) 13 मई, 2017 (शनिवार) तथा परास्नातक उपाधि एवं छात्रवृत्ति (AIEEA-PG-2017) तथा Ph.D. में प्रवेश एवं कनिष्ठ/वरिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति AICE-JRF/SRF(PGS)-2017 हेतु परीक्षाएं 14 मई, 2017 (रविवार) को आयोजित की जाएंगी I

जारी...

नई सोच को साझा करें

कृषि के विभिन्न उप-क्षेत्रों में विकास व अनुसंधान योग्य विषयों से सबंधित सुझाव तथा नवोन्मेषी आमंत्रण स्वीकार किये जा रहे हैं

जारी...