भाकृअनुप-सीआईएफई, कोलकाता केन्द्र ने राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस का किया आयोजन

भाकृअनुप-सीआईएफई, कोलकाता केन्द्र ने राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस का किया आयोजन

10 जुलाई, 2026, कोलकाता

वर्ष 1957 में मछलियों की प्रेरित प्रजनन (इंड्यूस्ड ब्रीडिंग) तकनीक के आविष्कार की स्मृति में भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान (भाकृअनुप-सिफे) ने अपने कोलकाता केन्द्र में राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस मनाया। इस आयोजन के माध्यम से उन मत्स्य किसानों की मेहनत, समर्पण और नवाचार को सम्मानित किया गया, जो मछली प्रोटीन की बढ़ती मांग को पूरा करने, रोजगार सृजन करने तथा खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेश महता ने देश में मत्स्य क्षेत्र के विकास में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने वैज्ञानिकों एवं विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुसंधान के परिणामों को किसानों के खेतों तक पहुँचाने पर बल दिया।

ICAR-CIFE, Kolkata Centre Celebrates National Fish Farmers Day

विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), कोलकाता, ने इस महत्वपूर्ण दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मत्स्य उत्पादन में किसानों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की तथा जैव विविधता और पोषण सुरक्षा के लिए छोटी एवं स्वदेशी मछली प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य निदेशक श्री सुप्रिया घोषाल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने भी इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। मत्स्य क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करते हुए छह प्रगतिशील मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों को मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने केंद्र में उत्पादित उच्च मूल्य वाली सजावटी मछलियों के बीज दक्षिण 24 परगना जिले के एक महिला स्वयं सहायता समूह को वितरित किए। मत्स्य किसानों के लाभार्थ स्थानीय भाषा में तैयार कुछ विस्तार पुस्तिकाओं का भी मंत्री द्वारा विमोचन किया गया।

ICAR-CIFE, Kolkata Centre Celebrates National Fish Farmers Day

उद्घाटन सत्र के बाद वैज्ञानिक-विशेषज्ञों की उपस्थिति में हितधारकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मत्स्य पालन से जुड़े अनेक उभरते मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा एक प्रदर्शनी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न इनपुट आपूर्ति कंपनियों तथा भाकृअनुप-सीआईएफई ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों से आए 60 मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, कोलकाता केन्द्र)

×