खरीफ धान के लिए सामुदायिक पौध उत्पादन: भाकृअनुप-एनडीआरआई-केवीके, नदिया की भाकृअनुप-क्रिजाफ, बैरकपुर के सहयोग से सतत एससीएसपी पहल

खरीफ धान के लिए सामुदायिक पौध उत्पादन: भाकृअनुप-एनडीआरआई-केवीके, नदिया की भाकृअनुप-क्रिजाफ, बैरकपुर के सहयोग से सतत एससीएसपी पहल

नदिया जिले में खरीफ धान की सफल खेती के लिए स्वस्थ धान की पौधों की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसानों को अक्सर नर्सरी की स्थापना में देरी, श्रमिकों की कमी तथा बढ़ती उत्पादन लागत जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान-कृषि विज्ञान केन्द्र (भाकृअनुप-एनडीआरआई-केवीके), नदिया ने धान की खेती के लिए सामुदायिक पौध उत्पादन को एक सतत एवं जलवायु-अनुकूल दृष्टिकोण के रूप में प्रोत्साहित किया है।

Community Seedling Production for Kharif Rice; A Sustainable SCSP Initiative by ICAR-NDRI-KVK, Nadia with Support from ICAR-CRIJAF, Barrackpore

इस पहल के अंतर्गत भाकृअनुप-क्रिजाफ, बैरकपुर के सहयोग से अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) कार्यक्रम के माध्यम से गुणवत्तायुक्त धान बीज वितरित किए गए। इस कार्यक्रम को नदिया जिले के छह विकास खंडों—चकदह, शांतिपुर, कृष्णानगर-I, कृष्णानगर-II, नकाशीपाड़ा तथा कालीगंज—के 21 गांवों में लागू किया गया, जिससे 474 किसानों को लाभ मिला।

किसानों को वैज्ञानिक नर्सरी प्रबंधन पद्धतियों का उपयोग करते हुए सामुदायिक नर्सरी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि स्वस्थ एवं सशक्त पौध तैयार की जा सके। भाकृअनुप-एनडीआरआई-केवीके, नदिया के वैज्ञानिकों ने उन्नत धान किस्मों, बीज उपचार, नर्सरी स्थापना, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

Community Seedling Production for Kharif Rice; A Sustainable SCSP Initiative by ICAR-NDRI-KVK, Nadia with Support from ICAR-CRIJAF, Barrackpore

इस पहल से स्वस्थ एवं एकरूप पौधों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, नर्सरी एवं खेती की लागत में कमी आई है, संसाधनों के उपयोग की दक्षता बढ़ी है तथा किसानों के बीच सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा मिला है। गुणवत्तायुक्त पौधों के साथ समय पर रोपाई सुनिश्चित करके यह सामुदायिक आधारित दृष्टिकोण एक प्रभावी जलवायु-अनुकूल रणनीति के रूप में उभर रहा है, जिससे नदिया जिले के सहभागी क्षेत्रों में फसल की बेहतर स्थापना तथा खरीफ धान की उत्पादकता में वृद्धि होने की अपेक्षा है।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान-कृषि विज्ञान केन्द्र, नदिया, कल्याणी, पश्चिम बंगाल)

×