पोषण सुरक्षा के लिए भाकृअनुप की भूमिका अहम्- डॉ. हंसराज

Bangaluru, 31 May 2010

महामहिम डॉ. हंसराज भारद्वाज, राज्यपाल, कर्नाटक ने पोषण सुरक्षा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की भूमिका को अहम् बताया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कृषि और बागवानी में विविधीकरण को बढ़ावा देना जरूरी है। डॉ. हंसराज भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर), बेंगलुरु में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित मशरूम विकास परियोजना की 12वीं द्विवार्षिक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। .

उन्होंने भा.कृ.अनु. प. के विभिन्न संस्थानों विशेषकर आईआईएचआर, की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इन संस्थानों के प्रयासों से प्रति व्यक्ति फल और सब्जी की उपलब्धता में वृद्धि हुई है जिसकी वजह से भारत पोषण सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने भारत के दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा फल और सब्जी उत्पादक देश होने की सराहना करते हुए कहा कि इसके साथ ही मशरूम उत्पादन पर जोर देने की जरूरत है।  

डॉ. हंसराज ने कहा कि कृषि और बागवानी के अपशिष्टों की मदद से मशरुम उत्पादन की नई तकनीकों का विकास कर उसे किसानों तक पहुंचाने की जरूरत है। भूमिहीनों और गरीब किसानों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का विकास करके इन लक्ष्यों को पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों का उत्पादन समय की आवश्यकता बन गया है।
डॉ. एच.पी. सिहं, उप महानिदेशक, बागवानी, भा.कृ.अनु.प. ने भारत में बागवानी अनुसंधान की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

(Source: NAIP sub project on Mass Media Mobilization, DIPA based on inputs from IIHR, Bangalore)