‘मशरूम नगर’ सोलन द्वारा नई प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन

10 सितंबर, 2010
सोलन/हिमाचल प्रदेश

भारत का ‘मशरूम नगर’ घोषित होने के 13 साल के कीर्तिमान के उपलक्ष्य में 10 सितम्बर को मशरूम अनुसंधान निदेशालय ( डीएमआर ), सोलन में एक मशरूम मेला आयोजित किया गया। इस मेले में नवीनतम मशरूम उत्पादकों के प्रत्यक्ष लाभ के लिए निदेशालय द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. एच. पी. सिंह, उप-महानिदेशक, बागवानी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने मेले का उद्घाटन किया। अपने उद्घाटन भाषण में बोलते हुए डॉ. सिंह ने मेले के आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मशरूम के विविधीकरण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत विविध प्रकार के कृषि जलवायु परिस्थितियों से युक्त एक कृषि प्रधान देश है, जो 6 मिलियन टन से अधिक कृषि अपशिष्ट पदार्थों का उत्पादन करता है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि इन कृषि अपशिष्ट का उपयोग विभिन्न प्रकार के मशरूम की पैदावार में प्रभावशाली ढंग से किया जा सकता है। डॉ. सिंह ने देश में तेजी से बढ़ रहे बेरोजगारी और कुपोषण की समस्या से निपटने में मशरूम की भूमिका का सविस्तार वर्णन करते हुए बताया कि पिछले दो दशकों में मशरूम की खेती ने काफी वृद्धि करते हुए अपनी उत्पादकता 10,000 टन से एक लाख टन कर ली है। मशरूम की खेती अब केवल पहाड़ी राज्यों तक ही सीमित नहीं है। यह अब मैदानी और दक्षिण भागों में उगाया जा रहा है।

मशरूम मेला का आयोजन प्रतिवर्ष 10 सितम्बर को डीएमआर, सोलन द्वारा किया जाता है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1997 में सोलन को ‘मशरूम नगर’ घोषित किया गया था। प्रतिवर्ष किसानों, मशरूम उत्पादकों, मशरूम उद्योगों और प्रसार कर्मचारियों की एक बड़ी तादाद इस आयोजन में हिस्सा लेती है।

इस अवसर पर 25 से अधिक सरकारी और निजी उद्योगों, मशरूम उत्पादकों और गैर-सरकारी संगठनों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया और हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, सिक्किम, असम, मेघालय, उड़ीसा, जम्मू एवं कश्मीर, केरल और आंध्र प्रदेश आदि विभिन्न राज्यों से आए लगभग 600 किसानों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। किसानों, मशरूम उत्पादकों, व्यक्तिगत विपणन और प्रसार कर्मचारियों ने मेले का दौरा किया और वैज्ञानिकों, डीएमआर और अन्य संस्थाओं के विशेषज्ञों से मशरूम से संबंधित मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा की। मशरूम मेला किसानों और मशरूम उत्पादकों को मशरूम से संबंधित समस्याओं के समाधान का अवसर प्रदान करता है। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के सात किसानों को नए प्रौद्योगिकी अपनाने और मशरूम के उत्पादन में उनके अभिनव योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

(स्रोत- मीडिया मोबलाइजेशन सब-प्रोजेक्ट, एनएआईपी, दीपा और डीएमआर, सोलन )